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ब्रिक्स देशों में व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है भारत


नयी दिल्ली:- भारत ने विश्व की तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों के संगठन ब्रिक्स के सदस्यों के बीच आपसी व्यापारिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जाेर देते हुए अन्य पारंपरिक संसाधनों के आदान प्रदान पर बल दिया है।
केद्रीय वाणिज्य एवं उद्याेग मंत्रालय के सूत्रों ने सोमवार को यहां बताया कि ब्राजील, भारत, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के संगठन – ब्रिक्स की पिछली दो बैठकों मे भारत ने सभी सदस्य देशों के बीच आपसी व्यापारिक और आर्थिक सहयाेग बढ़ाने पर जोर दिया है और सहयोग के नये विकल्प तलाशने की बात की है। भारत का मानना है कि ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग बढ़ाने से कोविड पश्चात विश्व अर्थव्यवस्था को संभालने में मदद मिलेगी और दुनिया भर में कारोबारी गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाया जा सकेगा।
भारत का कहना है कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की बड़ी जनसंख्या वास है। ब्रिक्स देशों के आपसी सहयोग से जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को कोविड महामारी के आर्थिक प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी। सभी सदस्यों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों के क्षेत्र में आपसी सहयोग के अलावा पारंपरिक संसाधनों के आदान प्रदान की संभावनाओं को भी तलाशना चाहिए।
ब्रिक्स की पिछली दो बैठकों से जुड़े रहे एक अधिकारी ने बताया कि ब्रिक्स देशों के वाणिज्य मंत्रियों की बैठक में ई-कॉमर्स के अंतर्गत व्यावसायिक सेवाओं के व्यापार, आनुवांशिक संसाधनों और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े सहयोग के नए क्षेत्रों को मजबूती मिली है। ब्रिक्स देशों ने व्यावसायिक सेवाओं के व्यापार में सहयोग से संबंधित रूपरेखा का समर्थन किया है। इसके अलावा ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के बीच पहली बार आनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में संयुक्त रूप से काम करने की भी आम सहमति बनी है। भारत ने कहा है कि ब्रिक्स देशों को बहुपक्षीय प्रणाली मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने और विकासशील देशों तथा अल्प विकसित देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समावेशी निर्णयों पर जोर देना चाहिए।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा से जुड़े सार्वजनिक स्टॉक होल्डिंग के स्थायी समाधान, टीकों, चिकित्सीय और उपचार मामलों में ट्रिप्स संबंधी छूट के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और खपत एवं उत्पादन की सतत् पद्धति को सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। ब्रिक्स देशों ने उपभोक्ता संरक्षण, ई-कॉमर्स, आनुवांशिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान, व्यावसायिक सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
ब्रिक्स देशों ने घरेलू क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने, सदस्य देशों के भीतर पेशेवरों की आवाजाही को बढ़ावा देने में भागीदारी और व्यावसायिक सेवाओं को बढ़ाने से संबंधित भारत द्वारा प्रस्तुत रूपरेखा का समर्थन किया है।
सूत्रों के अनुसार ब्रिक्स देशों ने विशेष रूप से व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के अप्रत्याशित प्रभाव पर भी चर्चा की है। ब्रिक्स देशों ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के साथ सहयोग करने की इच्छा भी व्यक्त की है। भारत ने एनडीबी की सीमा का विस्तार करने और औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के अलावा सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए संसाधनों का उपयोग करने की इच्छा व्यक्त की है।

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