February 25, 2021

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भारत ने ब्रिस्बेन में रचा इतिहास, 2-1 से जीती सीरीज

ब्रिस्बेन:- युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (91), टीम इंडिया की दीवार चेतेश्वर पुजारा (56) और प्रतिभाशाली विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत (नाबाद 89) की करिश्माई बल्लेबाजी से भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान में ऑस्ट्रेलिया को चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पांचवें दिन मंगलवार को तीन विकेट से हराकर नया इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार ब्रिस्बेन में टेस्ट जीत हासिल की और चार मैचों की सीरीज को 2-1 से जीत कर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
भारत को इस मुकाबले को जीतने के लिए 328 रन का लक्ष्य मिला था। भारत ने सुबह जब बिना कोई विकेट खोए चार रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत चौथी पारी में इतने मुश्किल लक्ष्य को हासिल कर लेगा। भारतीय बल्लेबाजों ने आखिर में वो करिश्मा कर दिखाया जिसका करोड़ों देशवासियों को इंतजार था। भारत ने 97 ओवर में सात विकेट पर 329 रन बनाकर ऐतिसाहिक जीत दर्ज की।
भारत की गाबा मैदान में सात टेस्ट मैचों में यह पहली जीत है। भारत ने इस मैदान पर अपने पिछले छह टेस्ट मैचों में पांच हारे थे और एक ड्रॉ खेला था। गाबा मैदान में भारत की ऐतिहासिक जीत के तीन बड़े हीरो रहे शुभमन, पुजारा और पंत ने मैच के अंतिम दिन ऐसी बल्लेबाजी की जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। पंत को प्लेयर ऑफ द मैच और ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। भारतीय कप्तान अजिंक्या रहाणे ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी ग्रहण की। ऑस्ट्रेलिया को 32 साल के लम्बे अंतराल के बाद गाबा मैदान में हार का सामना करना पड़ा।
शुभमन ने 146 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 91 रन की आक्रामक पारी खेली जिसने भारत को जीत का आधार दिया। पुजारा ने चट्टान की तरह एक छोर संभाल कर खेलते हुए 211 गेंदों में सात चौकों के सहारे 56 रन बनाए। पुजारा की इस पारी ने टीम इंडिया को मजबूती प्रदान की और पंत ने 138 गेंदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 89 रन बनाकर मुकाबले में भारत की जीत की मुहर लगा दी।
कप्तान अजिंक्या रहाणे ने 24, मयंक अग्रवाल ने नौ रन और वाशिंगटन सुंदर ने 29 गेंदों में दो चौकों और एक छक्के के सहारे 22 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया अपनी पूरी ताकत के साथ गेंदबाजी करने के बावजूद टीम इंडिया के हौसलों को नहीं डगमगा पाया और भारत ने 2-1 की जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरा समाप्त किया। भारत ने इस दौरे में वनडे सीरीज 1-2 से गंवायी लेकिन फिर वापसी करते हुए टी-20 सीरीज 2-1 से और टेस्ट सीरीज 2-1 से जीत ली।
भारत की गाबा मैदान में सात टेस्ट मैचों में यह पहली जीत है। भारत ने इस मैदान पर अपने पिछले छह टेस्ट मैचों में पांच हारे थे और एक ड्रॉ खेला था। भारत ने चार मैचों की इस सीरीज में एडिलेड में खेले गए पहले दिन-रात्रि मुकाबले में दूसरी पारी में 36 रन के अपने इतिहास के न्यूनतम स्कोर पर आउट होकर आठ विकेट से पराजय झेली थी। लेकिन टीम इंडिया ने अजिंक्या रहाणे की कप्तानी में मेलबोर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शानदार वापसी करते हुए आठ विकेट से जीत हासिल की और सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
सिडनी में तीसरे टेस्ट के पांचवें दिन भारत ने साहसिक बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट ड्रॉ कराया और ब्रिस्बेन में पांचवें तथा अंतिम दिन ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली। भारत के टेस्ट इतिहास में यह पहला मौका है जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है।
ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले की पहली पारी में 369 रन बनाए थे जबकि भारत ने शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर के अर्धशतकों से पहली पारी में 336 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 33 रन की बढ़त हासिल की थी। भारत ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के पांच विकेटों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में 294 रन पर समेटा। भारत को जीत के लिए 328 रन का लक्ष्य मिला जो उसने मैच के पांचवें और अंतिम दिन अपनी शानदार बल्लेबाजी से हासिल कर लिया।
भारत ने हालांकि सुबह रोहित शर्मा का विकेट जल्द ही गंवा दिया था लेकिन इसके बाद के बल्लेबाजों ने पूरी सूझबूझ, रणनीति और साहस के साथ बल्लेबाजी की और अंतिम सत्र के आखिरी ओवरों में जीत हासिल कर ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में ब्रिस्बेन की यह जीत ऐसा ऐतिहासिक लम्हा है जो हमेशा के लिए स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया है।
कई खिलाड़ियों के चोटिल होकर बाहर हो जाने और निर्णायक जंग में नवोदित खिलाड़ियों के बलबूते पर रहाणे की सेना ने वो कारनामा कर दिखाया जो आजतक कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया।

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