April 14, 2021

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भारत बायोटेक ने जारी की फैक्टशीट, कमजोर इम्यूनिटी वाले बिल्कुल न लें कोवैक्सीन की डोज

नई दिल्ली:- भारत बायोटेक ने अपनी कोवैक्सीन दवा को लेकर फैक्टशीट जारी की है। कंपनी ने साइड इफेक्ट को लेकर कहा कि अगर किसी की इम्यूनिटी है या पहले से कोई बीमारी है तो वो कोवैक्सीन की डोज न ले। दरअसल कोवैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने की कई लोग आलोचना कर रहे हैं। इस पर भारत बायोटेक के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा एल्ला ने कहा कि कोवैक्सीन 200 फीसदी सुरक्षित है और हम विज्ञान को गंभीरता से लेते हैं। एल्ला ने कहा कि हमें वैक्सी बनाने का अनुभव है। साथ ही कंपनी ने कहा कि हां अगर किसी का इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हैं और कोई पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहा है तो ऐसे लोग फिलहाल कोवैक्सीन न लें।

ऐसे मरीज न लें दवा

भारत बायोटेक ने कहा कि ऐसे मरीज जिनको खून से जुड़ी बीमारी है या ब्लड थीनर्स है वो भी कोवैक्सीन की खुराक न लें। इसके अलावा जो पिछले दिनों बीमार थे या उनको कोई एलर्जी है उनको भी कोवैक्सीन की डोज नहीं लेनी चाहिए। सरकार ने प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताओं को पहले से ही वैक्सीनेशन से बाहर रखा है। भारत बायोटेक ने सुझाव दिया कि अगर कोवैक्सीन की खुराक लेने के बाद किसी में कोविड-19 से संक्रमित होने के लक्षण दिखते हैं, तो RT-PCR टेस्ट कराना होगा,इ सके रिजल्ट को ही सबूत माना जाएगा। कंपनी ने कहा कि अगर वैक्सीनेशन के बाद किसी को कोविड के लक्षण दिखते हैं, तो वो बेहद माइल्ड (हल्के लक्षण) हो सकते हैं। कोवैक्सीन से कोई एलर्जी हो सकती है, इसके भी बहुत कम संभावना है।

साइड इफेक्ट होने पर मिलेगा मुआवजा

केंद्र सरकार ने भारत बायोटेक से कोरोना वैक्सीन की 55 लाख डोज खरीदी है। वहीं भारत बायोटेक ने ऐलान किया कि कोवैक्सीन लगाए जाने के बाद अगर साइड इफेक्ट सामने आते हैं तो कंपनी मुआवजा देगी। कंपनी ने कहा कि कि वैक्सीन लगवाने से पहले शख्स को एक कंसेंट फॉर्म (सहमति पत्र) पर साइन भी करना होगा। कंपनी ने कहा कि किसी अनहोनी की स्थिति में कंपनी की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले सरकार ने कहा था कि ऐसे मरीज जो कमजोर इम्यूनिटी के हैं वो इस दवा को ले सकते हैं। कीमोथेरेपी करा रहे कैंसर के मरीज, HIV पॉजिटिव और स्टेरॉयर्ड लेने वाले लोग इम्यूनो-सप्रेस्ड होते हैं यानि कि इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

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