January 25, 2021

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भारत और विदेशों में 2021 में शिक्षा, कार्यस्थलों में नये ट्रेंड्स देखने को मिलेंगे: जीयूएस

नयी दिल्ली:- देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कार्यस्थल से सम्बंधित कुशलताएं और शिक्षा में तकनीकी प्रगति वर्ष 2021 में भविष्य की राह तय करेंगे। केन्द्र सरकार ने उच्च शिक्षा में विदेशी कंपनियों के लिये अपने दरवाजे खोल दिये हैं, लेकिन विशेषज्ञों को लगता है कि अलग-अलग विषयों में पढ़ाई आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगी, साथ ही कार्यस्थलों में तकनीकी और व्यवहारिक कुशलताओं के संयोजन पर भी ध्यान रहेगा। यही नहीं, जो कुछ साल पहले तक प्रासंगिक था, उसमें बड़ा बदलाव होगा।
यह भी उम्‍मीद की जा रही है कि शिक्षकों का कौशल बढ़ाने पर ज्‍यादा जोर देने और नए सॉफ्टवेयर्स के आने से पढ़ाई करने और कराने की प्रक्रिया में बदलाव जारी रहेगा। इससे सीखने की प्रक्रिया में मौजूद वर्चुअल अंतर दूर होगा।
देश के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिये भविष्‍य के मार्ग पर टिप्पणी करते हुए ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिस्टम्स (जीयूएस) में एशिया पैसिफिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शरद मेहरा ने कहा, ‘‘साल 2021 अपने साथ देश के एज्युकेशन सेक्टर के लिये उम्मीद की किरण और अवसरों का अंबार लेकर आया है। पिछले कुछ महीने चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन इनसे सोचने के नये तरीकों को बढ़ावा मिला है और वर्तमान शिक्षा प्रणाली में पढ़ाई के तरीकों को नया आकार मिला है। एनईपी के लागू होने से भारत में शिक्षा प्रणाली की संरचना को नई परिभाषा मिलेगी। यूनिवर्सिटीज और शिक्षक स्टूडेन्ट की भागीदारी के ऑनलाइन तरीके को सहयोग देने के लिये तेजी से बदलावों को अपना रहे हैं। सीखने के मिश्रित और शिक्षा देने के हाइब्रिड मॉडल्स अपनी तेज गति जारी रखेंगे। इसके अलावा, व्यावहारिकता, शोध और नवाचार पर बढ़ता जोर ‘नेक्स्ट नॉर्मल’ कोर्सेस की मांग बढ़ाएगा, जिससे देश के युवाओं में नौकरी पाने की अपेक्षाओं को बढ़ावा मिलेगा।’’
श्री मेहरा ने कहा कि काम का भविष्य भी बदल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘साल 2021 सभी उद्योगों में बिजनेस के लिये बहुत सारी आशा लेकर आया है और यह आर्थिक नुकसानों की भरपाई करने का वचन भी निभाता है। जब महामारी आई और देश में लॉकडाउन लगा, तब अधिकांश संगठनों की प्रमुख चिंता थी कर्मचारियों की सुरक्षा और बिजनेस जारी रखना। हालांकि, पिछले साल आई सभी चुनौतियों के बावजूद, यह नया साल आगे के लिये बड़े सबक देने वाला रहेगा। भारत डिजिटल तकनीकी द्वारा होने वाले सामाजिक-आर्थिक बदलाव की राह पर है। हमने दूर से काम करने और व्यावसायिक लक्ष्यों को पाने के लिहाज से बड़े सुधार देखे हैं। अब हम नये दशक में बढ़ रहे हैं, तो नई वास्तविकताओं को अपनाना, मिलकर काम करना और दूर से काम करना नई बात होगी। कर्मचारी सुरक्षा और स्वास्थ्य नीतियाँ भी प्रतिभा को लेने और उन्‍हें बनाये रखने के संदर्भ में महत्वपूर्ण होंगी।’’

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