March 7, 2021

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दलित विरोधी सरकार में दलितों पर बढ़ा अत्याचार,भूख और ठंढ से दलित मरने को विवश:अमर बाउरी

रांची:- अभी तो यह अंगड़ाई है, बाकी अभी लड़ाई है। जब राज्य के 50 लाख अनुसूचित समाज के लोग अपने हक और अधिकार के लिए एक जुट हो जाएंगे तो रांची के मोरहाबादी मैदान और होटवार जेल भी राज्य सरकार के लोए छोटा पड़ जाएगा। उक्त बातें चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी ने कही। वे मंगलवार को राजभवन के समक्ष राज्य में दलितों की उपेक्षा, शोषण, ठंढ एवं भूख से लगातार हो रही मौत एवं अत्याचार के खिलाफ राजभवन के समक्ष आयोजित धरना में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में 12.9 प्रतिशत आबादी अनुसूचित समाज की है और जब से महागठबंधन वाली हेमंत सरकार का गठन हुआ है तब से दलितों पर अत्याचार की घटना बढ़ गयी है।

उन्होंने कहा कि बोकारो जिला के कसमार में भूखल घासी की भूख से मौत हो गई। लेकिन सरकार सिर्फ आश्वाशन देती रही। मदद के नाम पर एक रुपया भी पीड़ित परिवार को नही दिया गया। वहीं भूखल घासी के परिवार के दो सदस्यों की मौत भी भूखल घासी की मौत के मात्र छः महीने के अंदर हो गयी। बावजूद इसके सरकार की और से कोई मुआवजा पीड़ित परिवार को नहीं मिला। और ना ही किसी मंत्री या अधिकारी ने कोई सुध ली।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 के शुरू होते ही राज्य में ठंढ से मौत का सिलसिला शुरू हो गया। बोकारों जिला के नावाडीह और गुमला जिला के पालकोट में एक एल दलित व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई। लेकिन सरकारी खजाने से एक रुपया भी मुआवजा के तौर पर पीड़ित परिवार को नही मिला। यहां तक कि राज्य के दलित गरीब जनता को इस कड़ाके की ठंढ में कम्बल तक राज्य सरकार के तरफ से नसीब नही हुआ।

अपने संबोधन में उन्होंनेकहा कि सरकार 10 एसटी के छात्रों को विदेश भेज रही है। मैं इस योजना का स्वागत करता हूँ। लेकिन सरकार से पूछना चाहता हूं कि अनुसूचित समाज के बच्चों ने सरकार का क्या बिगाड़ा है, जिन्हें पढ़ने के लिए विदेश नही भेजा जा रहा। उन्होंने मंच के माध्यम से सरकार से मांग किया कि अनुसूचित समाज के भी 10 छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य के अनुसूचित जाति के लोगों को सरकार जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्र निर्गत नही कर रही है। उन्होंने मांग किया कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति के लोगों को जाति, आय एव आवासीय प्रमाण पत्र एक तय समय के अंदर बनाने की प्रकिया अविलंब लागू करे। वहीं राज्य भर के सफाई कर्मियों को राज्य सरकार सातवां वेतनमान के साथ नियमित करे, विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुसूचित समाज के कर्मचारियों के पदोन्नति में आ रही विसंगतियों को दूर करे।

उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति पर कहा कि हेमंत सरकार के राज में हमारी माँ, बहन और बेटी असुरक्षित है। आये दिन उनके साथ कुकृत्य हो रही है और पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे है जिसे लेकर आज राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया है। लेकिन सरकार इस धरना को हल्के में न ले, अगर समय रहते सरकार नही संभलती है तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने मंच के माध्यम से राज्य के सभी दलितों से आग्रह किया कि वे संगठित हो और अपने हक और अधिकार की लड़ाई में भागीदार बने।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित समाज को डरने की जरूरत नही है, उनकी हर लड़ाई में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मजबूती के साथ खड़ी है।

मौके पर हटिया विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था बिगड़ गयी है। एक बलात्कार की घटना का उद्भेदन करने में पुलिस को हफ्ते लग रहे है और राज्य सरकार के तरफ से घटना के विषय मे कोई जिम्मेदारी नही ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि सदियों से अनुसूचित जाति समाज को दबाया गया है, उन्हें अधिकारों से वंचित किया गया है। लेकिन अब समय बदल गया है। अनुसूचित जाति समाज के समर्थन और उनके उत्थान के लिए केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मजबूती के साथ खड़ी है। अनुसूचित समाज को अब डरने या घबराने की जरूरत नही है, भाजपा परिवार उन्हें हर हक अधिकार के लिए किसी भी लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार है।

मौके पर कांके विधायक समरी लाल ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने सदियों बाद एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 6000 करोड़ की योजना अनुसूचित जाति के छात्र छात्राओं के लिए शुरू किया है। इस योजना को राज्य सरकार प्रमुखता के साथ पूरे राज्य में लागू करे और ज्यादा से ज्यादा अनुसूचित छात्र छात्राओं को लाभ पहुंचाए।

उन्होंने कहा कि आज राजधानी जैसा शहर भी माँ, बहन, बेटी के लिए सुरक्षित नही है। हाल में ही एक बेटी के साथ निर्भया जैसी घटना हुई है और राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन उस बेटी के आरोपियों को गिरफ्तार तक नही कर पाई है।

कांके विधायक ने राज्य सरकार को मंच के माध्यम से चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के दलितों के हक अधिकार और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करे, अन्यथा आने वाला समय जनता सरकार को उनका असली चेहरा दिखाने का काम करेगी।

कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी सह पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम ने लोगों को सबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की गलत मंशा के कारण आज हमारे युवाओं को नौकरी से वंचित होना पड़ रहा है। चुनाव के समय हेमंत सरकार ने युवाओं से प्रति वर्ष 5 लाख नौकरी देने का वादा किया था। साथ ही युवाओं को 5000/7000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता की भी घोषणा की थी। लेकिन आज न तो युवाओं के पास नौकरी है और न ही बेरोजगारी भत्ता का एक रुपया।

उन्होंने राजभवन के माध्यम से सरकार से मांग किया कि असंवैधानिक रुप से हटाये गये गिरिडीह के मेयर सुनिल कुमार पासवान को अविलंब मेयर पद पर पुर्नबहाल करे, राज्य के गरीब एवं भूमिहीन अनुसूचित जाति के लोगों को शहरी एवं ग्रामीण स्तर पर जमीन बंदोबस्ती कर उन्हें बसाने का काम राज्य सरकार करे।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ जीतू चरण राम, उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय, मोर्चा के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत मे पांच पदाधिकारियों का एक दल राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर 13 सूत्री मांग पत्र सौंपा।

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रमुख 13 सूत्री मांग:-

1- केन्द्र सरकार के समाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गयी पोस्ट मैट्रीक अनुसूचित जाति छात्रवृति योजना को झारखंड सरकार फ्लैगशिप योजना के तहत् कार्यांवित करे।

2- बोकारो जिला के नवाडीह प्रखंड की सुरही पंचायत अंतर्गत पासी टोला निवासी 60 वर्षीय रघु पासी एवं गुमला के पालकोट निवासी दलित मोटिया मजदूर सुखन नागरचि के ठंढ़ से हुई मौत की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा राज्य सरकार दे।

3- बस्ताकोला, झरिया, धनबाद में जमींदोज हुई मृतिका कल्याणी देवी के परिजनों को अविलंब नौकरी एवं 4 लाख रुपये का मुआवजा राज्य सरकार दे।

4- भूखल घासी के एक आश्रित को अविलंब सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दी जाये।

5- अनुसूचित जाति के 10 छात्र / छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रतिवर्ष विदेश भेजे।

6- असंवैधानिक रुप से हटाये गये गिरिडीह के मेयर श्री सुनिल कुमार पासवान को अविलंब मेयर पद पर पुर्नबहाल करे।

7- राज्य के सभी जिले में अनुसूचित जाति के छात्र एवं छात्राओं के लिए 500 बेड का छात्रावास निर्माण करवाया जाये।

8- एकलव्य आवासीय विद्यालय के तर्ज पर ही राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय का निर्माण सभी जिले में करवायी जाये।

9- राज्य के गरीब एवं भूमिहीन अनुसूचित जाति के लोगों को शहरी एवं ग्रामीण स्तर पर जमीन बंदोबस्ती कर उन्हें बसाने का काम राज्य सरकार करे।

10- राज्य के सभी सफाईकर्मियों को नियमित करते हुए उन्हें सांतवा वेतनमान देने का काम राज्य सरकार करे।
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1- विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के पदोन्नति में हो रही विसंगतियों को दूर कर उन्हें अविलंब पदोन्नति राज्य सरकार दे।

12- राज्य के अनुसूचित जाति के लोगों के पास जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्र नहीं होने के कराण वे राज्य एवं केन्द्र सरकार के योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता , ऐसे में राज्य सरकार अनुसूचित जाति के लोगों को जाति, आय एव आवासीय प्रमाण पत्र एक तय समय के अंदर बनाने की प्रकिया पूरे राज्य में लागु करे।

13- घनबाद के घनसार में अनुसूचित जाति की 12 वर्षीय रेश्मा की पुलिस पिटाई के बाद आत्महत्या के मामले में सरकार संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि एवं दोषी पुलिसकर्मी की अविलंब बर्खास्त करे।

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