April 13, 2021

अनावरण न्यूज़

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आधी आबादी की आर्थिक उपार्जन व पारिवारिक सहभागिता में आयी तेजी

मधुबनी:- जिला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को सरकारी व निजी संस्थानों में कई कायर्क्रम किये गए। मधुबनी जिला में महिलाओं की दशा- दिशा आज भी स्थापित व सुदृढ है।केन्द्र सरकार की नीतिपरक फैसला में आधी आबादी के उत्थान की ढेर सारी योजनाएं यहां प्रभावी है। हाल के दिनो में अनुसूचित जाति की निरक्षर वेबा दुलारी देवी को राष्ट्रपति सम्मान के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनुशंसा की गई।दुलारी को राष्ट्रीय शिखर सम्मान मिला।मिथिलांचल परिक्षेत्र गौरवान्वित है।यहां के मिथिला पेंटिंग कलाकारों की अहमियत दुनिया में विस्तारित है। यहां की अधिकांश महिलाएं आर्थिक उपार्जन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मिथिला पेंटिंग कला के माध्यम से परिवार की जीवन बसर करने को अग्रेतर बनी यहां की महिलाएं खुशहाल हैं। किसी भी कामकाजी पुरुष से बढ़- चढ़कर महिलाएं यहां पैसे का का उपार्जन करती है ।महिलाओं की आर्थिक उन्नयन के लिए माटी पानी से जुड़ी कुछ रोजगार बहुत ही प्रभावी ढंग से यहां स्थापित है। लोग उसका लाभ उठाते हैं। मधुबनी जिला के 21 प्रखंडों के अधिकांश इलाकों में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी महिलाएं उपार्जन को उत्साहित हैं। यहां पर सिक्की काला, मिथिला पेंटिंग कला, कागज और मिट्टी के खिलौने बनाने की हुनर, लाह उद्योग बड़ी तेजी से कार्यरत है। कार्यशील पूंजी का अभाव रहने के बावजूद महिलाएं स्वयं सहायता समूह के माध्यम से पैसे इन्तजाम करती है।साथ ही परिवार की भरपाई करती है। इस वर्ष यहां की एक निरक्षर महिला राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित की गई हैं।दुलारी देवी को पद्म भूषण की उपाधि राष्ट्रपति द्वारा दिया गया है। राजनगर प्रखंड के रांटी गांव को दुलारी देवी को इस बार पदम भूषण पुरस्कार दिया गया है । दुलारी ने मायके में रहकर जीवन यापन शुरू किया।यहां की विरासत मिथिला पेंटिंग का कार्य लोगों के आवास पर जाकर करती थी। इस वर्ष 2021 की शुरुआत में ही उसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया है मधुबनी जिला का गौरवशाली इतिहास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । यहां पर बुद्धिजीवी अधिकांश महिलाएं बच्चों की शिक्षा देने के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में हाथ बटाती हैं। पशुपालन क्षेत्र में भी महिलाओं का अप्रतिम सहयोग है ।जबकि राजनीतिक विरासत के रूप में भी यहां की महिलाएं अपनी पताका फैलाती रही है। वर्तमान में मधुबनी जिला के 2 विधानसभा क्षेत्रों से महिला प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जिसमें फुलपरास से विजयी जदयू की शीला मंडल विधायक हैं। अभी परिवहन मंत्री का प्रभार इनके जिम्मे है। बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र से मीना कामत जदयू विधायक हैं। यहां पर मिथिला पेंटिंग के क्षेत्र में शुरुआती दौर से ही महिलाओं को राष्ट्रपति सम्मान मिलता रहा है। जिला का गौरव यहां बढ़ता रहा है । जगत जननी मां जानकी की क्षेत्र मिथिलांचल में महिलाओं की त्याग और तपस्या के कई उदाहरण हैं। महिला दिवस के अवसर पर जिले में 23 जगहों पर सोमवार को कोविड टीकाकरण केंद्र सिर्फ महिलाओं के लिए ही बनाया गया है। महिला उन्मुखीकरण योजना के तहत यहां पर नीतीश सरकार ने सौराठ में पेंटिंग कॉलेज की स्थापना की।केन्द्र सरकार व राज्य संपोषित की योजनाएं यहां पर महिलाओं के सम्मान के लिए प्रभावी ढंग से चल रही है। वर्तमान में नगर परिषद की अध्यक्ष सुनैना देवी हैं। जबकि जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर भी महिला का ही पदस्थापन है।आधी आबादी के सम्मान को नरेंद्र मोदी सरकार की विशेष योगदान व सहयोग की चर्चा आज सर्वत्र हो रही है।इसका प्रबल उदाहरण केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में वित्तीय मंत्रालय की देख- रेख सशक्त महिला सीतारमण के पास है।

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