May 11, 2021

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संक्रमण के मामले में कमी आयी, पर अभी और प्रतिबंध की जरुरत-रामेश्वर उरांव

रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कोरोना संक्रमण के चेन तोड़ने को लेकर सामाजिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन को कुछ दिनों के लिए स्थगित करने की सलाह दी है। डॉ0 रामेश्वर उरांव रांची स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश स्तरीय राहत एवं निगरानी समिति के कंट्रोल रूम में संगठन के पदाधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू मौजूद थे।
उच्चतम न्यायालय द्वारा लॉकडाउन को लेकर दिये गये निर्देश पर पूछे गये सवाल के जवाब में यह केंद्र और राज्य सरकारों पर निर्भर है, अदालत की ओर से लॉकडाउन लागू करने को लेकर स्पष्ट कोई आदेश नहीं दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कोरोना संक्रमण पर अंकुश को लेकर लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में कमी आने के संकेत मिले है, लेकिन इसके बावजूद वे इस बात के पक्षधर है कि और अधिक प्रतिबंध लगाये जाने चाहिए। उन्हांने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सिर्फ 50 लोगों की उपस्थिति में शादी-विवाह की अनुमति दी गयी है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ देखने को मिल रही है। अभी सभी धार्मिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगायी है, होली, रामनवमी, सरहुल और ईद सभी त्योहार सादगी से मनाये जा रहे हैं। उन्होंने शादी-विवाह समेत अन्य सामाजिक कार्यक्रमों को 15-20 दिनों के लिए टालने की सलाह देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, लेकिन यह भी देखने को मिला है, कुंभ मेले का भी आयोजन इसी दौरान हुआ। इस तरह के सभी कार्यक्रमों से अभी बचने की जरुरत है।
वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उठाये गये कई सख्त कदम और देशभर की आर्थिक परिस्थितियों के कारण आय के स्त्रोत में कमी आयी है, वहीं भारत सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए झारखंड को जो सहायता राशि उपलब्ध करायी गयी है, वह काफी कम है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने बताया कि कंट्रोल की ओर से आज भी कई कोरोना संक्रमित मरीजों और उनके परिजनों को सहायता पहुंचायी गयी। उन्होंने बताया कि आज 90 प्रतिशत मामलों में हेल्पडेस्क पर फोन करने वाले लोगों को सहायता उपलब्ध करायी गयी। अधिकांश मामले वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड उपलब्ध कराने के लिए आये।

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