April 17, 2021

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थोड़ी सी सावधानी बरतें तो अग्निकांड से होने वाली क्षति को किया जा सकता है कमःउपायुक्त

दिन का खाना सुबह 9 बजे से पूर्व तथा रात का खाना शाम 6 बजे के बाद बनाएं

मेदिनीनगर:- पलामू जिले में बढ़ती गर्मी को लेकर जिला प्रशासन सजग है। गर्मी में अग्नि कार्ड से सावधानी बरतने को लेकर पलामू जिला प्रशासन ने अपील जारी की है। आपदा प्रबंधन प्राधिकार की ओर से जारी अपील में उपायुक्त श्री शशि रंजन ने कहा है कि थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो अग्निकांड से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार अग्नि सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए जनहित में बचाव हेतु जारी दिशा निर्देश/ उपाय/अपील के अनुपालन से लोग अग्निकांड से बच सकेंगे। जारी अपील में कहा गया है कि गर्मी के मौसम में पछुआ हवा चलने की संभावना बनी रहती है। ऐसी स्थिति में मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अगलगी की घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती है। अग्निकांड से खेत खलिहान एवं जानमाल को भारी क्षति पहुंचती है तथा सबकुछ पूरी तरह से बर्बाद हो जाता है। ऐसे में पूरी सावधानी से हमसब अग्निकांड से होने वाली छति को कम कर सकते हैं।
अपील में कहा गया है कि रसोईघर यदि फूश का हो तो उसकी दीवार पर मिट्टी का लेप अवश्य करें। दिन का खाना सुबह 9ः00 बजे से पूर्व तथा रात का खाना शाम 6ः00 बजे के बाद बनाएं। भोजन बनाने के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह से बुझा दें। आग बुझाने के लिए बालू अथवा भुरभुरी मिट्टी को बोरे में भरकर तथा खाना बनाने के स्थान पर दो बाल्टी पानी अवश्य रखें। रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए,जिससे आग का संपर्क न हो सके। पूजा हवन आदि का काम सुबह में निपटा लें। फसल कटने के बाद खेत में छोड़े गए डंठललो में आग नहीं लगाएं। दीपक, दीया,लालटेन, मोमबत्ती, अगरबत्ती को ऐसी जगह पर न रखें, जहां से गिरकर आग लगने की संभावना हो। शॉर्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय से मरम्मत करा लें। गैस में लीक होने की स्थिति में सभी खिड़कियों के दरवाजे खोल दें एवं माचिस का प्रयोग भूल से भी न करें। घर में किसी भी उत्सव के लिए लगाए गए कनात अथवा टेंट के नीचे से बिजली के तार न ले जाएं। जलती हुई माचिस की तीली अथवा जलती बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर ना फेंके। माचिस को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। जहां पर सामूहिक भोजन इत्यादि का कार्य हो रहा हो, वहां पर दो से 3 ड्रम पानी अवश्य रखा जाए। भोजन बनाने का कार्य तेज हवा के समय न किया जाए। ढीले-ढाले और पॉलिस्टर के कपड़े पहनकर खाना न बनाएं। हमेशा सूती कपड़े पहनकर ही खाना बनाएं। सार्वजनिक स्थलों ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चले। ग्रामीण क्षेत्रों में हरा गेहूं,चना, मटर आदि बच्चे लेकर भूनते हैं, ऐसे में आग लगने से बचने के लिए उनपर निगरानी अवश्य रखें। आग लगने पर समुदाय के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करें। अगर कपड़े में आग लगे तो जमीन पर लेट कर आग बुझाने का प्रयास करें। आग लग जाने से यदि भवन के अंदर धुआं भर गया है तो सांसों की घुटन से बचने के लिए नीचे झुककर या रेंगते हुए बाहर निकले। खाना बनाते समय जलते चूल्हे को छोड़कर कभी कोई दूसरे कार्य के लिए न जाए। चूल्हे की छाई या राख को कभी भी फूश के घर अथवा खरपतवार से सटाकर ना फेंके।
किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 100, अग्निशमन सहायता के लिए 101, एंबुलेंस की सहायता के लिए 102 एवं कंट्रोल रूम के लिए 06562- 231589 नंबर पर संपर्क करें।
पलामू सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने कहा कि आग से जलने पर तत्काल घरेलू उपाय करते हुए जलन को कम करने हेतु 15 से 20 मिनट तक निरंतर पानी डालते रहें। इससे जलन को कम किया जा सकता है और टीश्यू डैमेज को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में काम करते वक्त कई बार हमलोग जल जाते हैं, ऐसी स्थिति में जलन बर्दाश्त करना काफी मुश्किल होता है। शरीर पर छोटा-मोटा जला हो, तो पानी से जलन को शांत करें तत्पश्चात निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सक से सहायता ले।

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