January 17, 2021

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रिम्स में बेड की कमी हो तो नए बेड लगाने पर करें विचार : उपायुक्त

ठीक हो कर निकलने वाले मरीजों का तैयार करें सेपरेट डेटा बेस

राँची:- उपायुक्त कार्यालय स्थित कक्ष में कोविड 19 के संभाव्य प्रसार की रोक थाम के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आयोजित बैठक में उपायुक्त ने रिम्स में सिम्प्टोमैटिक मरीजों के लिए बेड कम पड़ने की स्थिति में बेड बढ़ाने को लेकर विचार करने को कहा। साथ ही रिम्स से ठीक हो कर निकलने सिम्प्टोमैटिक मरीजों की समुचित काउंसलिंग एवं प्लाज्मा-ब्लड डोनेशन के लिये प्रेरित करने को कहा। ताकि 28 दिनों के बाद ऐसे लोग खुद ही ब्लड-प्लाज्मा डोनेशन के लिए सेंटर पर पहुंचें।

नए वार्ड की उपलब्धता पर करें विचार

बैठक के दौरान उपायुक्त छवि रंजन ने रिम्स में नए कोविड वार्ड तैयार करने का विकल्प तलाशने को कहा। साथ ही वार्ड में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन सप्लाई की व्यवस्था का प्लान तैयार कर उस पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा, “सिम्प्टोमैटिक मरीजों के लिए नए कोविड वार्ड तैयार में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।“

प्लाज्मा डोनेशन के लिए करें प्रेरित

रांची स्थित रिम्स अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थैरेपी की शुरुआत की गई है। जिसके मद्देनजर ठीक हो कर निकलने वाले सिम्प्टोमैटिक मरीजों को प्लाज्मा डोनेशन के लिए प्रेरित करने एवं उन मरीजों की समुचित काउन्सलिंग की व्यवस्था करने को कहा। ताकि सरकारी दिशा निर्देशों के अनुरूप 28 दिनों के बाद वो खुद प्लाज्मा,ब्लड डोनेशन के लिए रिम्स पहुंचें। साथ ही उन्होंने मीडिया से बात करते हुए आमजनों को प्लाज़मा,ब्लड डोनेशन करने की अपील की। उन्होंने कहा, “ऐसे संक्रमित(सिम्प्टोमैटिक) मरीज जो कि रिम्स से या अन्य किसी अस्पताल से ठीक हो कर निकले हैं, वो ठीक होने के 28 दिनों के उपरांत रिम्स के प्लाज्मा डोनेशन केंद्र पर पहुंच कर दान दे सकते हैं। इससे किसी की जान बचाई जा सकती है।

सभी कोविड अस्पतालों से ठीक हो कर निकलने वाले मरीजों के लिए लगाएं कैम्प

बैठक के दौरान उपायुक्त रांची श्री छवि रंजन ने सिविल सर्जन रांची डॉ बीबी प्रसाद को निदेश जारी करते हुए कहा कि, “रांची जिलांतर्गत संचालित सभी अस्पताल सरकारी/गैर सरकारी का डेटाबेस तैयार करें। साथ ही ऐसे सभी मरीजों के लिए रांची सदर अस्पताल एवं रिम्स में प्लाज्मा/ब्लड डोनेशन-कम-हेल्थ चेक अप कैम्प आयोजित करें। जहां ठीक हुए सभी मरीजों की एक बार हेल्थ स्टेटस जांच हो पाए और वैसे लोग जो कि ब्लड-प्लाज्मा डोनेट करना चाहते हों उनका ब्लड कलेक्ट किया जा सके।
इसके लिए उन्होंने रांची में ब्लड डोनेशन के क्षेत्र में कार्य करने वाले एनजीओ एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को भी हिस्सा लेने की अपील की। साथ ही सिवल सर्जन रांची को सभी एनजीओ के साथ बैठक कर कार्य योजना तैयार करने एवं इससे संबंधित विस्तृत जानकारी पेश करने को कहा है।

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