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प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान और ठोस उपाय स्वच्छ हवा के लिए बेहद जरूरी


सीड द्वारा विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने के लिए वेबिनार का आयोजन
जमशेदपुर:- सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने जमशेदपुर और चाईबासा में स्वच्छ वायु के मुद्दे पर कार्य कर रहे विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाकर एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों एवं केंद्रों (हॉटस्पॉट) को चिन्हित करना, इनके दीर्घकालिक प्रभावों एवं गड़बड़ियों पर नज़र रखना और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों एवं समुदायों की आकांक्षाओं को सामने लाना था। सीड के क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क (कैन) के तत्वावधान में आयोजित इस परिचर्चा में बेहतर वायु गुणवत्ता के समग्र लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक एवं ठोस समाधानों पर चर्चा की गयी, जिसमें 30 से अधिक स्थानीय सिविल सोसाइटी संगठनों, अकादमिक विशेषज्ञों, रिसर्च थिंक टैंक और नागरिक समूहों की सक्रिय भागीदारी रही।
स्वच्छ वायु से संबंधित कार्यक्रम के योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन में मल्टी स्टेकहोल्डर्स एप्रोच और कन्वर्जेन्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री नवीन मिश्रा, हेड-ऑपरेशंस, सीड ने कहा कि, “वायु प्रदूषण के कारण होने वाले जोखिम को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है ताकि हम स्वच्छ आबोहवा में साँस ले सके। इसके साथ ही सभी एजेंसियों एवं संगठनों के बीच समन्वय एवं क्षमता-निर्माण गतिविधियों के जरिए समाधानपरक उपायों की गति बढ़ाने की आवश्यकता है। क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क इस दिशा में आम नागरिकों से लेकर सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के बीच जन-जागरूकता और क्षमता-निर्माण बढ़ाने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है और यह राज्य में एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा।’’
उल्लेखनीय है कि झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (जेएसपीसीबी) राज्य के आठ शहरों- रांची, जमशेदपुर, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, चाईबासा, हजारीबाग और रामगढ़ के लिए क्लीन एयर एक्शन प्लान तैयार कर रहा है, जहां सीड एक टेक्निकल पार्टनर की भूमिका निभा रहा है। स्वच्छ वायु की स्थापना के लिए जरूरी स्थानीय आकांक्षाओं और समाधानपरक विचारों को योजना प्रक्रिया में लाने के महत्व को रेखांकित करते हुए सीड आने वाले दिनों में क्लीन एयर एक्शन प्लान के निर्माण एवं कार्यान्वयन में जनभागीदारी बढ़ा रहा है।
क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क के एक सदस्य और कला मंदिर संस्था के श्री अमिताभ घोष ने कहा कि ’आज जरूरत इस बात की है कि वायु प्रदूषण के नियंत्रण से जुड़े उपायों के लिए प्रत्येक व्यक्ति और संगठन अपने स्तर से अधिकाधिक सामाजिक उत्तरदायित्व ले। आज की परिचर्चा स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर समझ विकसित करने, प्रदूषण स्रोतों एवं केंद्रों को चिन्हित करने और इनके स्थानीय स्तर पर उपायों को सार्वजनिक बहस के दायरे में लाने में काफी मददगार साबित हुई है। क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क राज्य में स्वच्छ वायु कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक समाधानपरक दृष्टिकोण के साथ नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए हमेशा तैयार है।“
इस वेबिनार में जमशेदपुर, चाईबासा और समीपवर्ती जिलों के प्रतिष्ठित सिविल सोसाइटी संगठनों और नागरिक समूहों के 30 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें लखी दास (आदर्श सेवा संस्थान), बरनाली (युवा), श्याम कुमार भारती (महिला कल्याण समिति), सिद्धेश्वर सरदार (पर्यावरण चेतना केंद्र), भूपति नाथ (लोक चेतना केंद्र), गुलाब चंद्र प्रजापति, अरबिंद तिवारी, सुमन बिरुआ, संगीता नायक, सुष्मिता भगत, मरकार मुर्मू, आनंद, रवींद्र कुमार, विनय सरस्वती आदि ने राज्य में क्लीन एयर एक्शन प्लान के कार्यान्वयन के प्रयासों को मजबूत करने के लिए सुझाव एवं विचार व्यक्त किये।
क्लीन एयर इम्प्लीमेंटेशन नेटवर्क (कैन) सीड की एक पहल है और यह विविध स्टेकहोल्डर्स का एक साझा मंच है, जो राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार और ’स्वच्छ वायु कार्य योजना’ (क्लीन एयर एक्शन प्लान) के कार्यान्वयन को ठोस ढंग से जमीन पर उतारने की दिशा में कार्यरत है। कैन के तहत रांची, धनबाद, रामगढ़ और हज़ारीबाग़ कई बैठक और गतिविधियां संपन्न हुई हैं. यह मंच वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के सततशील उपायों को सामने लाने, सूचना एवं शोध-तथ्यों का आदान-प्रदान करने और साझा गतिविधियों को बढ़ावा देता है।

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