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स्वर्णरेखा और खरकई नदी उफान पर, निचले इलाके में सैकड़ों घरों में पानी घुसा

हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

जमशेदपुर:- चक्रवाती तूफान ‘‘यास’’ के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले की दो प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा औरखरकाई का जलस्तर बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। खरकाई नदी का जल खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है ,जबकि स्वर्णरेखा नदी का जल भी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। दोनों प्रमुख नदियों के किनारे पर अवस्थित सैकड़ों घरों में पानी घुस आया है, वहीं जिला प्रशासन के प्रयास से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर और स्कूल तथा पंचायत भवनों में बनाये गये अस्थायी शेल्टर होम में भेजा गया है।
जिले के उपायुक्त सूरज कुमार के निर्देश पर वरीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों में कैंप कर रहे है। वहीं खरकाई एवं स्वर्णरेखा नदी के तट पर बसे हुए लोगों से अपील की जा रही है कि यहां का जलस्तर और अभी बढ़ेगा, इसलिए समय रहते लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, उनकी सुविधा के लिए कई स्थानों पर आश्रय गृह बनाया गया है। घरों में पानी घुसने के साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह से इलाके में चरमरा गयी है। कई पोल गिर चुके हैं, उन्हें फिर से खड़ा किया जा रहा है।
जमशेदपुर शहर स्वर्णरेखा और खरकाई नदी के बीचो-बीच बसा हुआ शहर है, इस कारण कदमा, सोनारी, मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर सहित कई इलाकों में पानी घुसने की संभावना है। इस कारण लगातार मानगो नगर निगम एवं जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के विशेष पदाधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और वाहन में लगे माइक द्वारा लगातार लोगों को निर्देश दे रहे हैं कि बच्चे को नदी से दूर रखें और समय रहते आश्रय गृह में शरण ले लें।
कोल्हान प्रमंडल के पश्चिमी सिंहभूम जिले में भी भारी बारिश के कारण नदियों का पानी उफान पर है और नदी किनारे और बस्तियों में निचले इलाके में बसे घरों में पानी घुस गया है। तूफान के कारण परेशान लोगों को घरों से निकालकर राहत कैंप में पहुंचाने के काम में जिला प्रशासन की टीम एनडीआरएफ के जवानों के साथ जुट गई है।

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