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पुलिस और बैरिकेड लगाकर पिछड़ों की आवाज कब तक दबाएगी हेमंत सरकार-आजसू


आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी, आठ जिलों के कार्यकर्ता पहुंचे रांची
रांची:- झारखंड में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर आजसू पार्टी का आंदोलन राजधानी रांची में दूसरे दिन भी जारी रहा. मोराबादी मैदान से जुलूस की शक्ल में कार्यकर्ता सीएम सचिवालय के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने फिर बैरिकेड लगाकर रोक दिया. सरकार की मंशा से भड़के आजसू पार्टी के नेताओं ने कहा है कि पुलिस और बैरिकेड लगाकर पिछड़ों की आवाज हेमंत सरकार कब तक दबाती रहेगी. अभी लड़ाई का यह आगाज भर है.
मंगलवार को राज्य के आठ जिलों-रामगढ़, गोड्डा, कोडरमा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहेबगंज और पाकुड़ से पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षऱ कराए गए स्मरण पत्र लेकर रांची पहुंचे थे. पार्टी नेता रोशनलाल चौधरी, तिवारी महतो, हसन अंसारी, माधवचंद्र महतो, अजय सिंह, कुशवाहा शिवपूजन मेहता, डॉ देवशरण भगत, राजेंद्र मेहता कार्यकर्ताओं, समर्थकों का नेतृत्व कर रहे थे.
बारिश मे भीगते ढोल-नगाड़े के साथ निकले आजसू के कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई से गुस्से में थे. पुलिस द्वारा आगे बढ़ने पर रोके जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. ‘‘पिछड़े अपना वाजिब हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते’’ के शोर से मोराबादी मैदान गूंजता रहा.
पार्टी के प्रधान महासचिव रोशनलाल चौधरी ने कहा है कि झामुमो और कांग्रेस की सरकार से हिसाब लेने के लिए लोग गोलबंद होने लगे हैं. झूठे नारे और झूठे वादे करने वाली हेमंत सरकार ने राज्य में पिछड़ों की 50 प्रतिशत से अधिक की आबादी को धोखा दिया है. सत्ता में आए इन दलों के पौने दो साल हो गए, लेकिन पिछड़ा आरक्षण बढ़ाने के मसले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
केंद्रीय सचिव तिवारी महतो ने कहा कि हेमंत सरकार जनादेश का अपमान कर रही है. पिछड़ा आरक्षण बढ़ाने के सवाल पर आजसू ने इस राज्य में सबसे ज्यादा आवाज मुखर की है. चलते विधानसभा सत्र में सरकार जवाब दे कि वह पिछड़ों का हक देगी या नहीं.
पूर्व विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने कहा कि सत्तारूढ़ दलों को अपनी-अपनी घोषणा पत्र पढ़ने की जरूरत है. पिछड़ा वर्ग की हकमारी के खिलाफ ही यह अभियान छेड़ा गया है.
केंद्रीय सचिव माधवचंद महतो ने कहा कि सामाजिक न्याय यात्रा के दौरान आजसू के कार्यकर्ता, समर्थक गांव-गांव गए और सरकार की वादाखिलाफी को लेकर स्मरण पत्र पर लोगों से हस्ताक्षऱ कराए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन स्मरण पत्रों की गंभीरता को समझे. यह दस्तावेज है, जिसमें यह उल्लेखित है कि उन्होंने वादाखिलाफी की है.
न्याय मार्च में मुख्य रूप से केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष हसन अंसारी, सचिव अजय सिंह, महेश राय, दिपक मंडल, संजीव महतो, विजय साहू, ब्रह्मदेव महतो, मनोज महतो, योगेश बेदिया, धु्रव प्रसाद, चतुरानन्द पांडे, सुरेश महतो, राजेश कुमार महतो, मनोज सिंह मेलर, आशुतोष गोस्वामी, हरीश सिंह, ओम वर्मा शामिल रहें।
गौरतलब है कि इसी मुद्दे पर सोमवार को आठ जिलों से कार्यकर्ता स्मरण पत्र लेकर रांची पहुंचे थे. बुधवार को राज्य के शेष आठ जिले राँची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां से पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रांची आएंगे. इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है.

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