January 17, 2021

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झारखंड का इतिहास संघर्ष का इतिहास रहा है :राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू

दुमका:- झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां पुलिस लाईन मैदान में 74 वीं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस परेड का राज्यपाल द्रोपद्री मुर्मू ने निरीक्षण किया। राज्यपाल मुर्मू अपने अभिभाषण में भगवान बिरसा मुंडा एवं वीर सिदो कान्हू की बलिदानी भूमि झारखंड की उपराजधानी दुमका को नमन कर देशवासियों एवं0 झारखंडवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय पर्व की पावन बेला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रेरणा के श्रोत बता उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई रहे लोगों का हृदय से अभिनंदन किया एवं उनके जज्बे को भी सलाम किया।
राज्यपाल ने कहा कि आजादी के बाद 73 वर्षों में हमारे देश ने लगभग सभी क्षेत्रों में तरक्की की है। इस दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव भी देखे हैं। लेकिन देश के विकास के मार्ग में आने वाली हर बाधा को मिलजुल कर सामना किया है और उससे पार-पाने में सफलता भी पायी है। हम सब जानते हैं कि वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। हमारा देश व राज्य भी इससे अछूता नहीं है। इस महामारी की विभीषिका के कारण पूरे विश्व में करोड़ों लोग संक्रमित हुए हैं और लाखों की संख्या में लोगों की अकाल मृत्यु हुई है। इस मुश्किल घड़ी में हमारी सरकार इस त्रासदी से निपटने के लिए रणनीति बनाकर हर मोर्चे पर काम कर रही है और इस लड़ाई में हमें राज्य की जनता का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में डॉक्टर, चिकित्साकर्मियों, स्वच्छताकर्मियों एवं पुलिस बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। इन लोगों की दिन-रात की मेहनत और निःस्वार्थ सेवा के कारण ही हम इस त्रासदी के कुप्रभाव को कम करने में काफी हद तक सफल हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज में कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ाई में कार्यरत लोगों का हृदय से अभिनंदन करती हूं और उनके जज्बे को सलाम करती हूं।

संघर्ष का इतिहास रहा है झारखंड का

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड का इतिहास संघर्ष का इतिहास रहा है। कोविड-19 महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने और राज्यवासियों की सुरक्षा के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। चाहे राज्य के भीतर नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने का मामला हो या देशव्यापी लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे छात्रों, श्रमिकों आदि को राशन, खाना-पीना और अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की बात हो। सरकार ने आगे बढ़कर पूरी मजबूती के साथ काम किया है।

राज्य के 530763 प्रवासी श्रमिकों को सकुशल घर पहुंचाया गया

राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के प्रवासी श्रमिकों एवं छात्रों को वापस लाने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सभी राज्यों के लिए नोडल पदाधिकारी नामित कर, अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचाने में आवश्यक सहायता प्रदान की गई। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन किया गया। जिसमें विभिन्न राज्यों एवं जिलों में फंसे आम जनों के द्वारा संपर्क स्थापित किया गया। उन्हें अपेक्षित सहयोग एवं परामर्श दिया गया। इस प्रकार विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड राज्य के 530763 श्रमिकों को सकुशल घर पहुंचाया गया। यहां तक कि सुदूरवर्ती प्रदेशों में रेल सेवा एवं बस सेवा के माध्यम से फंसे प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए उन्हें एयर लिफ्ट करा कर सकुशल राज्य वापस लाया गया। सरकार द्वारा कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के अंतर्गत एकांतवास केंद्र व्यवस्था सैंपल संग्रह स्क्रीनिंग व्यवस्था डायग्नोस्टिक लैब एवं अन्य उपकरणों की व्यवस्था की। इस महामारी से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनों को जागरूक किया गया। जिससे संक्रमण के प्रभाव को कम करने में हम काफी हद तक सफल हुए हैं। इस महामारी से लड़ने के लिए मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल प्रथम रेफरल इकाई व अन्य अस्पतालों में बेडो की संख्या बढ़ाना मानव संसाधनों जैसे एमबीबीएस चिकित्सक विशेषज्ञ चिकित्सक आयुष चिकित्सक पारा चिकित्साकर्मी की उपलब्धता एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण एवं विचार किया जा रहा है।

दाल भात केंद्रों में अब तक लगभग 2.73 करोड़ लोगों को कराया गया मुफ्त भोजन

राज्यपाल ने कहा कि गरीब और असहाय रोजमर्रा का जीवन व्यतीत करने वाले लोगों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों एवं दैनिक मजदूरी कर गुजर बसर करने वालों पर इस वायरस का व्यापक दुष्प्रभाव पड़ा है। ऐसे लोगों के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न नहीं हो। इसलिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री दल भात योजना अंतर्गत पूर्व से संचालित 377 केंद्रों के अतिरिक्त 361 विशिष्ट दाल-भात केंद्र 458 विशेष दाल-भात केंद्र 382 अतिरिक्त दाल भात केंद्र एवं 94 प्रवासी मजदूर दाल भात केंद्र का संचालन सुनिश्चित किया। जिससे लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूर गरीब निर्धन अन्य राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों एवं राज्य में फंसे दूसरे राज्य के मजदूरों की खाद्यान सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा सके। इन सभी दाल भात केंद्रों में अब तक लगभग 2 करोड़ 73 लाख व्यक्तियों ने मुफ्त भोजन ग्रहण किया है। कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए आपातकालीन परिस्थिति में आकास्मिक राहत पैकेट, जिसमें 2 किलोग्राम चूड़ा 500 ग्राम गुड़ तथा 500 ग्राम चना के वितरण का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत रांची जिला में 5000 तक एवं अन्य 23 जिलों में 2000 पैकेट प्रति जिला वितरित किया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित होने के लिए राशन कार्ड बनाने के लिए ईसीएमएस के अंतर्गत लंबित आवेदनों के आधार पर माह अप्रैल एवं मई 2020 में सुपात्र परिवारों को 10 किलोग्राम चावल प्रति परिवार प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया। अब तक इससे 13 लाख 36 हज़ार परिवारों को लाभान्वित किया जा चुका है।

राज्य के किसानों का दो हजार करोड़ रुपए ऋण माफी का है लक्ष्य

राज्यपाल ने कहा कि एक तरफ इस महामारी से लड़ने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य के विकास का पहिया अनवरत आगे बढ़ता रहे इसके लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है।कोरोना महामारी ने हमारी अर्थव्यवस्था को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।कृषि ही वह क्षेत्र है जो हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान से उबरने की क्षमता रखता है। हमारी सरकार इस पर लगातार कार्य कर रही है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में कृषि ऋण के बोझ से दबे राज्य के छोटे व सीमांत किसानों को उनके अल्पकालीन फसल ऋण की माफी के लिए ऋण माफी योजना प्रक्रियाधीन है। सरकार ने इस वर्ष ऋण माफी योजना अंतर्गत राज्य के किसानों का दो हजार करोड़ रुपए ऋण माफी का लक्ष्य रखा है।राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक खेती प्रमाणीकरण तथा जैविक खाद उत्पादन प्रोत्साहन की योजना चलाई जा रही है। इस योजना अंतर्गत किसानों को लगभग 46 करोड़ रुपये का अनुदान दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
लैम्प्स-पैक्स के माध्यम से किसानों को खाद बीज,कीटनाशक दवा,फसल बीमा कार्य,धान अधिप्राप्ति इत्यादि का कार्य कराया जाता है।हमारी सरकार ने लैम्प्स-पैक्स को कार्यशील पूंजी एवं आधारभूत संरचना के फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में अवस्थित एक लैम्प्स-पैक्स को मॉडल रूप में विकसित करने के लिए प्रति लैम्प्स-पैक्स कार्यशील पूंजी के रूप में 5 लाख रुपये एवं आधारभूत संरचना के रूप में 2 लाख उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए मछली पालन के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मछली पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में किसानों को निजी जमीन पर 62 एकड़ तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें से 17 एकड़ तालाब निर्माण का कार्य संथाल परगना क्षेत्र के लिए स्वीकृत किया गया है। राज्य में हाइजीनिक तरीके से मतस्य विपणन को प्रोत्साहित करने हेतु चार नए कुदरा मछली बाजारों का निर्माण कराया जा रहा है। राजपाल ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में सिंचाई की महत्ता को देखते हुए राज्य भर में पूर्व से कार्यान्वित हो रहे 350 चेक डैम योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके द्वारा राज्य के छोटे-छोटे नदी नालों के प्रभाव को चेक डैम के माध्यम से जल का संचयन किया जाएगा जो सिंचाई के साथ-साथ ग्रामीणों की अन्य दैनिक जल की आवश्यकता के लिए काफी फलदायी होगा। राजपाल ने कहा कि कोरोना ने मानव जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है।शिक्षा के क्षेत्र में तो अभी से ही इसका व्यापक असर दृष्टिगोचर होने लगा है। विपदा की इस घड़ी में शिक्षा व्यवस्था पर कोरोना के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए हमारी सरकार सतत प्रयत्नशील है ।राज्य में अप्रैल 2020 से “डीजी-साथ कार्यक्रम“ के अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षा संचालित की जा रही है। जिससे राज्य के लगभग 14 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें संताल परगना क्षेत्र के 4.50 लाख विद्यार्थी भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दूरदर्शन के माध्यम से भी पठन-पाठन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

राज्यपाल मुर्मू ने कहा कि संथाल परगना प्रमंडल में विशेष रुप से संथाली भाषा का विकास एवं शिक्षण के लिए आवश्यक पहल किए जा रहे हैं। संथाली भाषा के लिए साहिबगंज जिला में 130 अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। जिससे इन के माध्यम से विद्यार्थियों को भाषा विशेष की जानकारी प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में ऑनलाईन शिक्षा संचालन की व्यवस्था उच्च शैक्षणिक संस्थानों की आधारभूत संरचनाओं के उपयोग के उद्देश्य से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षा संचालन की व्यवस्था की गई है। साथ ही शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में पॉलिटेक्निक व महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में नामांकन का कार्य, दसवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर करने की व्यवस्था की जा रही है।
शहीद ग्राम विकास योजना के तहत 10 जनजातीय गांवा का चयन
राज्यपाल ने कहा कि लोक कल्याणकारी सरकार के दायित्वों के निर्वहन में हमारी सरकार सजग और संवेदनशील है।विपदा के इस दौर में भी सरकार राज्य के अंतिम व्यक्ति के कल्याणार्थ हर समुचित कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में शहीद ग्राम विकास योजना अंतर्गत जनजातीय शहीदों के 10 चयनित गांव के समग्र विकास हेतु विभिन्न योजनाओं यथा आवास, पेयजल आपूर्ति ,सोलर विद्युतीकरण एवं अन्य बुनियादी संरचना आदि का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना की सफलता एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शहीद ग्राम विकास योजना को अगले 3 वर्षों के लिए विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सुविधा मुहैया कराने के लिए कुल 13.30 करोड़ की लागत से दुमका एवं सिमडेगा जिला में 02 ग्रामीण पाइप आधारित जलापूर्ति योजना स्वीकृति की गई है।

युवाओं को कौशल विकास से जोड़ कराया जा रहा रोजगार उपलब्ध

राज्यपाल ने कहा कि सरकार राज्य के युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के अपने उद्देश्य पर लगातार कार्य कर रही है। कौशल विकास को गति देने के लिए वर्तमान में 28 कल्याण गुरुकुल एवं 6 नर्सिंग कौशल कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत युवक-युवतियों को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कल्याण गुरुकुल के माध्यम से प्रशिक्षित युवक युवतियों में से 71 फीसदी भागीदारी अनुसूचित जन जाति श्रेणी के युवक-युवतियों की है।

स्वच्छता’’ हम सभी की है जिम्मेदारी

राज्यपाल ने कहा कि वन एक अमूल्य निधि है और हमारे राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी इससे जुड़ी हुई है। वन सम्पदा, मानव जीवन के लिए ही नहीं, अपितु सृष्टि के समस्त प्राणियों के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखना हम सभी का उत्तरदायित्व है। हमारी सरकार के द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में 35,784 हेक्टेयर वनभूमि, गैर-वनभूमि पर पौधरोपण एवं प्रकृतिक पुनर्जनन के कार्य को ग्रामीणों की सहभागिता से सम्पादित किया गया है। 344 कि0मी0 नदी तट पर वृक्षारोपण तथा 3420 गैबियन से वृक्षारोपण का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान वर्ष में लगभग 2 करोड़ पौधों का रोपण किया जा रहा है। इन कार्यों से इस वित्तीय वर्ष में कुल 160 लाख मानव दिवस सृजित किये जायेंगे, जो कोरोना काल में ग्रामीण श्रमिकों के रोजगार का एक प्रमुख स्रोत होगा।
उन्होंने कहा कि‘‘स्वच्छता’’ हम सभी की जिम्मेदारी है और हमें, अपने और अपने आस-पास की स्वच्छता को बनाये रखने की नितान्त आवष्यकता है। क्योंकि यह केवल स्वच्छता ही है, जो बाहरी और आंतरिक रूप से स्वच्छ रहकर हमारे व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में मदद करती है। कोरोना महामारी के वर्तमान परिदृष्य में स्वच्छता का महत्व और भी बढ़ गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत राज्य के प्रत्येक गांव में सामुदायिक स्वच्छता परिसर (सामुदायिक शौचालय) का निर्माण किया जाना है। वर्तमान में दुमका प्रक्षेत्र में अब तक 193 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है।

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता

राज्यपाल ने कहा कि राज्य की समस्त जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इस वर्ष राज्य के 25 प्रतिशत घरों अर्थात् लगभग 13 लाख घरों में नल से जल के आच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष कुल 25 वृहद जलापूर्ति योजनाओं को चयनित किया गया है, जिससे 1.27 लाख गृह संयोजन एवं 7.3 लाख आबादी को लाभान्वित कराया जायेगा।

महामारी से निपटने को जरूरमंदों को भोजन मुहैया कराना उद्देश्य

राज्यपाल ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी से निबटने एवं गरीबों व जरूरतमंदों को भोजन मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य की सभी पंचायतों में मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना की शुरूआत की गई। दीदी किचन के संचालन की जिम्मेवारी पंचायत स्तर पर निबंधित सखी मंडलों को दी गई। इन सभी केन्द्रों पर भोजन वितरण के साथ भोजन की गुणवत्ता और सामाजिक दूरी का सख्ती से अनुपालन किया गया। सखी मंडल की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना के सफल संचालन के साथ-साथ गांवों में कोरोना के प्रति जागरूकता, मास्क एवं सैनिटइजर निर्माण, बैंकिंग सेवाएं, किसानों के उत्पादों की बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास और जनता के कल्याण की योजनाओं को तेजी से लागू करने की कोशिश करनी होगी, जिससे हमारे राज्य की गिनती विकसित राज्यों की कतार में पहले पायदान पर हो। राज्यपाल ने कहा कि दुनिया भर में कोरोना वायरस के व्यापक दुष्प्रभाव और मानवता पर छाये इस अभूतपूर्व संकट का सामना हमें दृढ़ता और साहस के साथ करना होगा। मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निदेशों का पुर्णतः अनुपालन करें। स्वयं और अपने परिवार विशेषकर बच्चों एवं वृद्धजनों का ख्याल रखें। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार के सद्प्रयासों और आप सबों के सहयोग से कोरोना महामारी के विरूद्ध इस लड़ाई में हम जरूर विजयी होंगे। अंत में उन्होंने एक बार पुनः सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी। इस अवसर राज्यपाल ने कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर डीसी राजेश्वरी बी, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सोना झरिया मिंज, एसपी अंबर लकड़ा सहित अन्य उपस्थित थे।

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