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मॉब लिचिंग बिल पारित होना ऐतिहासिक निर्णय-कांग्रेस


रांची:- प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डा.राजेश गुप्ता छोटू ने मॉब लींचिंग बिल सदन से पास किए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है एवं कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मॉब लींचिंग कानून झारखण्ड जैसे राज्य के लिए काफी जरुरी था। पूर्ववर्ती रघुवर दास के शासनकाल में मॉब लींचिंग की घटनाओं ने राज्य को शर्मसार किया था और सख्त कानून के अभाव में आरोपी बचते रहे और इतना ही नहीं आरोपियों को सम्मानित करने की घटिया राजनीति भी भाजपा का कुत्सित एजेंडा था। झारखंड में मॉब लिंचिंग की पहली घटना 18 मार्च 2016 को झारखंड में हुई थी और तब से लेकर झारखंड मॉब लिंचिंग की घटनाओं का केंद्र बिंदु बना रहा,29 जून 2017 में रामगढ़ के बाजार टांड़ में उन्मादी भीड़ ने एक वय्क्ति को मार डाला,18 मई 2017 में सरायकेला खरसावां जिले कि राजनगर में चार लोगों को पीट कर मार डाला गया,18 मई 2017 को पूर्वी सिंहभूम के बागबेड़ा में दो सगे भाइयों की मौत हो गई,13 जून 2018 गोड्डा जिले के डुलू गांव में 2 लोगों को मार डाला गया,6 सितंबर 2018 पलामू जिला के विश्रामपुर थाना में तिसिबार गांव के 3 लोगों पर हमला हुए जिसमें 1 व्यक्ति की मौत हो गई, 10 मई 2019 गुमला जिले के जुरमू गांव में चार लोगों को बेरहमी से मारा गया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई,12 मार्च 2019 को हैदर नगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को मार दिया गया,ये चन्द ऐसी घटनाएं हैं जब भाजपा के शासनकाल में हुआ था जिससे राज्य के लोगों में दहशत का माहौल था।
यहां तक कि लोकसभा में भी झारखंड की घटनाओं पर बहस होती रही और इसके विरुद्ध सख्त कानून बनाये जाने की मांग भी जोरदार तरीके से उठी। इस कानून के अस्तित्व में आ जाने के बाद भाजपा नेताओं के संरक्षण में मॉब लींचिंग की घटनाएं होती थी अब उस पर विराम लगेगा और दोषियों के विरुद्ध उम्र कैद की सजा सुनिश्चित हो सकेगी।

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