January 28, 2021

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दल बदल मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई

स्पीकर की ओर से कहा गया- स्वतः संज्ञान लेकर नोटिस जारी करने का है अधिकार

रांची:- झारखंड उच्च न्यायालय में बुधवार को विधायक बाबूलाल मरांडी के दल बदल मामले में स्पीकर द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दिये जाने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो की ओर से जवाब दाखिल कर यह बताया गया है कि स्पीकर को ऐसे मामले में स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार है।
अदालत में स्पीकर रवींद्र नाथ महतो की तरफ से जवाब में कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान और कोर्ट के आदेश भी संलग्न किया गया है। दाखिल जवाब में यह भी कहा गया है कि दसवीं अनुसूची में स्पीकर को स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार है और बाबूलाल के मामले में लिया गया संज्ञान भी संवैधानिक है। उनकी ओर से यह भी कहा गया कि अनुच्छेद 226 के तहत जब तक विधानसभा न्यायाधिकरण में यह मामला लंबित है अदालत इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
अब स्पीकर की ओर से दाखिल जवाब पर बाबूलाल मरांडी को जवाब देना है। बुधवार को बाबूलाल मरांडी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी ने स्पीकर के स्वतः संज्ञान लिए जाने के अधिकारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए 17 दिसंबर को हाईकोर्ट ने स्पीकर की ओर से जारी नोटिस पर रोक लगा दी थी। साथ ही इस मामले में स्पीकर ट्रिब्यूनल में सुनवाई करने पर भी रोक लगा दी है। हाईकोर्ट द्वारा नोटिस पर रोक लगाए जाने के खिलाफ स्पीकर सुप्रीम कोर्ट गए थे। तब सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर की याचिका खारिज कर उन्हें हाईकोर्ट में ही अपनी बात रखने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का निर्देश भी हाईकोर्ट को दिया है। हाईकोर्ट में स्पीकर की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन और बाबूलाल मरांडी की ओर से वरीय अधिवक्ता आरएन सहाय ने बहस की।

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