January 19, 2021

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गुर्जर आंदोलन : 12 घंटों के अल्टीमेटम के बीच खेल मंत्री चांदना कर सकते हैं पीलूपुरा में आंदोलनकारियों से बातचीत

भरतपुर:- भरतपुर के पीलूपुरा में कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला की अगुवाई में दिल्ली-मुंबई रेल ट्रेक पर कब्जा जमाकर बैठे आंदोलनकारी शनिवार को सातवें दिन भी आंदोलन पर अडिग रहे। कर्नल बैंसला की ओर से शुक्रवार को सरकार को 12 घंटों का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद शनिवार को गुर्जरों और सरकार के बीच सुलह की कोशिशें रंग ला सकती है। खेल मंत्री अशोक चांदना दोपहर बाद पीलूपुरा पहुंचकर गुर्जरों से बातचीत कर सकते हैं। कर्नल किरोड़ी बैसला संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ शनिवार को हिंडौन से दौसा के सिकंदरा रवाना हो चुके हैं। जहां वे गुर्जर समाज की महापंचायत में हिस्सा लेंगे। अगर सरकार से सुलह नहीं हुई तो आंदोलन को तेज करने की रणनीति तैयार की जा रही है। आंदोलन के मद्देनजर करौली जिले में रेल और नेट सेवा शनिवार को 7वें दिन भी बंद रही। करौली कलेक्टर व एसपी ने सवेरे कर्नल बैंसला के साथ आवास पर वार्ता की और सरकारी स्तर पर फीडबैक लिया कि अगर मंत्री वार्ता करने आए तो किन-किन मुद्दों पर बातचीत होगी। बढ़ती ठिठुरन के बावजूद आंदोलनकारी पटरियों पर अपना कब्जा जमाए बैठे हैं। शुक्रवार को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने पीलूपुरा रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर 12 घंटे में गहलोत सरकार के मंत्री या किसी प्रतिनिधि के पीलूपुरा रेलवे ट्रैक पर आकर मिलने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि 12 घंटों के बाद आंदोलन तेज होगा। गुर्जर आरक्षण आन्दोलन का आज सातवां दिन है। सप्ताह बीत जाने के बाद भी रेलवे ट्रेक पर जमा गुर्जर समाज का एक धड़ा पीछे हटने के मूड में दिखाई नहीं दे रहा है। गुर्जर आन्दोलन पर सरकार और समाज के बीच कई वार्ताओं और मान.मनव्वल के बाद भी गतिरोध बरकरार है। कर्नल बैंसला समर्थित गुर्जर समाज ने भले ही मंत्री अशोक चांदना को रेलवे ट्रेक पर बुलाने के लिए अल्टीमेटम दिया हो, लेकिन दो दिन पहले ही चांदना इस गतिरोध को लेकर स्थिति साफ कर चुके हैं। वे एक वक्तव्य जारी करते हुए कह चुके हैं कि सरकार ने गुर्जर समाज की मानने योग्य सभी मांगों को मान लिया है। अब अन्य जिस भी बात पर गतिरोध बन रहा है उसे वार्ता करके सुलझा लिया जाएगा। मंत्री लगातार आंदोलनकर्ताओं को ट्रेक से हटने की अपील करते रहे हैं। इस बार आंदोलन की कमान कर्नल बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के हाथ में है। पिता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से आन्दोलन की अगुवाई करने की जिम्मेदारी मिलने के बाद पुत्र विजय बैंसला ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग उनका नेतृत्व स्वीकार नहीं करते हैं उन लोगों के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं है। वह लोग अभी मुझे समझते नहीं है लेकिन उम्मीद है कि वह धीरे-धीरे समझ जाएंगे। गुर्जर समाज में आंदोलन को लेकर बने दो गुट समाज को लेकर अपने-अपने दावे ठोक रहे हैं। सरकार से बातचीत कर चुके 41 सदस्यीय दल के प्रतिनिधि हिम्मतसिंह गुर्जर लगातार ट्वीट कर कर्नल बैंसला व उनके पुत्र विजय बैंसला को निशाने पर ले रहे हैं।

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