अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

अच्छी बारिश और खुशहाली के लिए की गई देवी मड़ई की पूजा

रांची:- मौजा के पाहन बिरसा मुंडा एवं बुद्धिजीवी चिलगु उरांव के नेतृत्व में अषाढ़ी पूजा अखड़ा एवं देवी मड़ई में पारंपरिक, विधिविधान पूजा पद्धति एवं रीति रिवाज के साथ बकरा एवं मुर्गो की बलि के देकर पूजा की गयी। मौजा के पाहन बिरसा मुंडा एवं चिलगु उरांव ने कहा कि आषाढ़ी पूजा आदिवासियों के जीवन मे बहुत महत्वपूर्ण रस्म है। आदिवासी पूरा जीवन कृषि पर निर्भर रहते हैं। इसलिए गांव मे अच्छी बारिश, गांव की खुशहाली, सुख-शांति, दुख-रोग से मुक्ति, सभी की समृद्धि की कामना, सामूहिक एकरूपता के साथ देवी मड़ई से मन्नत मांगी जाती है। समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज में आषाढ़ी पूजा की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह पूजा आज भी आदिवासी समाज में पूरे विधि विधान, पूजा पद्धति, परंपरागत एवं हर्षोल्लास के साथ आषाढ़ माह चढ़ने के बाद मनाया जाता है। इस त्योहार मनाने का उद्देश्य होता है कि खेती करने के पहले भगवान से कामना की जाती है कि अच्छी बारिश हो और जिससे अच्छी कृषि हो। इससे आदिवासियों के जीवन में सुख समृद्धि आए। इस पूजा में उन्नत कृषि के संरक्षण संवर्धन, समयानुकूल पर्याप्त, बारिश और फसलों के रोग विध्न आदि निवारण के लिए किया जाता है। पूजा में मुख्य रूप से प्रदीप लकड़ा, मंगा उरांव, सुरेश टोप्पो, राजू उरांव, जग्गनाथ उरांव, जुगेश मिंज, ठिबरु बांडो, मुन्ना गाड़ी, डिस्को जी, आकाश तिर्की, आनंद उरांव, कृष्णा उरांव, संजय उरांव, नितिन लिंडा और पूनम बांडो सहित गांव के अन्य लोग शामिल थे।

%d bloggers like this: