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एक नयी सुबह का

झारखण्ड दिवस पर दिखी सूबे की परंपरा और संस्कृति की झलक


प्रगति मैदान का एम्फी थियेटर हुआ गुलजार’
सूक्ष्म, लघु और भारी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी नई औद्योगिक नीतिः मिथिलेश ठाकुर
नई दिल्ली:- झारखण्ड प्रकृति के गर्भ में बसा और अपनी आदिवासी संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाला प्रदेश है। यहाँ का सामाजिक परिवेश, रहन-सहन, लोक संस्कृति अतुलनीय हैद्य दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के झारखण्ड पवेलियन में झारखण्ड राज्य दिवस का आयोजन किया गया। जिसमे झारखण्ड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री सत्यानंद भोक्ता, झारखण्ड सरकार के स्थानिक आयुक्त मस्त राम मीणा, उद्योग तथा खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनीष रंजन, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं इ गवर्नेंस कृपानन्द झा, निदेशक सुडा अमित कुमार, निदेशक रेशम दिव्यांशु झा, प्रबंध निदेशक झारक्राफ्ट आकांक्षा रंजन, प्रबंध निदेशक झारखण्ड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन रोनिता , प्रबंध निदेशक जे० एस० एल० पी० एस० नैंसी सहाय आदि वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री ने झारखण्ड पवेलियन में भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धा सुमन अर्पित किया तथा दीप प्रज्वल्लित किया । तदुपरांत पवेलियन के सभी स्टॉलों का अवलोकन कियाद्य उन्होंने पवेलियन में लगे स्टालों में उनके हुनर एवं कार्य प्रगति की सराहना करते हुए कहा की ट्रेड फेयर राज्य में होने वाले विकास को प्रदर्शित करने का अच्छा मंच है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य भगवान् बिरसा मुंडा, सिद्धो- कान्हू सहित अन्य वीर सपूतों की भूमि है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम् भूमिका निभाई थी। झारखण्ड राज्य संस्कृति, पर्यटन, कला, खनिज सभी रूप से परिपूर्ण है। हमारे पास देश की कुल खनिज सम्पदा का 40प्रतिशत भाग है, जिसमे लोहा, सोना, अभ्रक,यूरेनियम आदि प्रचुर मात्रा में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास तीर्थ स्थलों में बाबा वैद्यनाथ, रजरप्पा मंदिर, इटखोरी मंदिर, मलूटी के मंदिर आदि है।पर्यटन के दृष्टिकोण से हमारे प्रदेश में असीम सम्भावनाएं है, बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट, हजारीबाग आदि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते है। प्रदेश के उद्योग विभाग की नई औद्योगिक नीति सूक्ष्म, लघु और भारी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली है। झारखण्ड खेल के क्षेत्र में भी काफी प्रगति कर रहा है, महेंद्र सिंह धौनी, दीपिका कुमारी अभी हुए ओलम्पिक में अपना जौहर दिखाने वाली निक्की प्रधान, सालिमा टेटे आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण हैद्य इस अवसर पर मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रगति मैदान में लगे मेले के अन्य पवेलियन का भी अवलोकन किया और खरीदारी भी की।
उद्योग विभाग तथा खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा की झारखण्ड प्रदेश धार्मिक, पर्यटन, खनिज, संस्कृति, और उद्योग का साक्ष्य है।प्रदेश के उद्योग विभाग ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक निति का निर्माण किया है, जिससे सभी उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगाद्य इस नीति में हमारे मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के विकास के लिए खासतौर पर रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनाई है, जिससे हमारे ग्रामीण क्षेत्रो में रहने वाले लोगो को उद्योग स्थापित करने में सुगमता रहेद्य झारखण्ड विविधताओं का प्रदेश है। यहाँ का प्राकृतिक सैंदर्य अनुपम है, जो प्रदेश को पर्यटन के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ बनता है। पर्यटन विभाग उसको और सार्थक बनाने के लिए ईको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि चला रहा है।भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखण्ड फोकस स्टेट हैद्य हमने यहाँ अपने प्रदेश की संस्कृति, लोककला और उत्पादों को प्रदर्शित किया है।
झारखण्ड राज्य दिवस पर एम्फी थियेटर में झारखण्ड के प्रभात कुमार महतो द्वारा छऊ नृत्य, अशोक कच्छप द्वारा पाइका नृत्य, झिंगगा भगत मनोरंजन कला संगम द्वारा ओरॉन नृत्य, आर० आर० मेहता द्वारा मुंदरी नृत्य, झिंगगा भगत द्वारा नागपुरी नृत्य और बबीता मुर्मू द्वारा संथाली नृत्य प्रस्तुत किया गया।

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