झांसी:- उत्तर प्रदेश की वीरांगना नगरी झांसी के जाने माने कारोबारियों के खिलाफ आयकर विभाग (आईटी) का छापा चौथे दिन शनिवार को भी बादस्तूर जारी रहा।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान इन कारोबारियों में से अधिकतर के पैसों का हिसाब किताब रखने वाले एक सीए पर भी जांच का शिकंजा कसा है। शुक्रवार को आईटी की टीम जब सीए के घर पहुंची तो घर पर ताला था, जिसके बाद उच्चस्तर से इजाजत लेकर टीम ने ताले तोड़कर कर सीए के घर में कागजों को खंगालना शुरू किया।
इस जांच में कई नये पहलू सामने आये हैं और बताया जा रहा है कि टीम को लगभग 100 करोड़ रूपये के आय का स्रोत नहीं मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार कारोबारी भी इसको लेकर कागज दिखा पाने में असमर्थ हैं। इतना ही नहीं सोने के आभूषणों को लेकर भी यही स्थिति है और इनका भी हिसाब किताब नदारद है। सीए के घर की पड़ताल और जांच के बाद यह भी संभावना जतायी जा रही है कि इस रेड की चपेट में अभी और कई बड़े नामों के भी आने की संभावना है। दूसरी ओर चार दिन से लापता सीए इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती बताये जा रहे हैं।
बुधवार की सुबह से महानगर के चर्चित रियल स्टेट कारोबारियों के खिलाफ जारी छापे की कार्रवाई में लगभग 10 कारोबारियों के खिलाफ अभी तक शिकंजा कसा गया है। आयकर विभाग की कई टीमों ने करीब 35 अलग अलग ठिकानों पर छापे मारे। दूसरे दिन की कार्रवाई में कारोबारियों के बैंक एकाउंट व लॉकर की पड़ताल की भी जानकारी सामने आई। बताया गया कि कारोबारियों समेत उनके मिलने वालों के भी एकाउंट की जांच की गई। कई लॉकर सील किए जाने , आधा दर्जन से अधिक प्राइवेट बैंकों में करीब 3 दर्जन अकाउंट खंगाले जाने और इन अकाउंटों में लेनदेन की अनियमितता पाये जाने की जानकारियां भी छन छन कर बाहर आयीं और इसके चलते कुछ एकाउंट व लॉकर सील भी किए गए।
तीसरे दिन सभी कारोबारियों की बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे सीए के घर के ताले तोड़कर जांच करने की बात सामने आई। सीए पहले दिन से ही घूमते हुए गायब हो गए थे। आयकर विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय बात करने के बाद अनुमति मिलते ही तीसरे दिन ताले तोड़कर जांच शुरू कर दी थी।
आयकर विभाग की कार्रवाई के चौथे दिन जांच में करोड़ों रुपये का हेरफेर हिसाब- किताब में मिलने की बात सामने आ रही है। इस सभी पहलुओं को देखते हुए मामला दिनों दिन उलझता नजर आ रहा है।हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से अभी तक किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की गयी और कारोबारियों या उनके रिश्तेदारों की ही ओर से कोई बात कही जा रही है लेकिन महानगर में चार दिन से जारी इस रेड को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है।
जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है यह भी कयास लगाये जा रहे हैं कि अभी कुछ और कारोबारियों के नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। फिलहाल घनाराम इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक सपा के पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह यादव व उनके भाई बिशन सिंह यादव, बसेरा बिल्डर्स के मालिक सिविल लाइन्स निवासी वीरेंद्र राय ,जानकीपुरम कालोनी निवासी विजय सरावगी, दिनेश सेठी, राकेश बघेल,संजय अरोडा, आनंद अग्रवाल, आईपी भल्ला,शिवा सोनी आदि बिल्डर्स के खिलाफ जांच जारी है। इसके अलावा कुछ नामचीन चिकित्सक, घनाराम इंफ्रास्ट्रक्चर में अक्सर बैठे रहने वाले एक अभियंता व कुछ और नाम शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सभी के घरों पर अब भी पुलिस का सख्त पहरा बना हुआ है।

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