कोलकाता:- भारतीय फुटबॉल टीम के दिग्गज गोलकीपर ब्रह्मानंद सांखवलकर को बुधवार को भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सांखवलकर यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले आठवें भारतीय फुटबॉलर हैं और पहले गोलकीपर हैं। भारत के बेहतरीन भारतीय गोलकीपरों में से एक सांखवलकर ने 1983 से 1986 तक भारत की कप्तानी की थी। उन्हें अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ द्वारा 1985-1995 के दशक का फुटबॉलर नामित किया गया, जबकि 1997 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

अपने 25 साल लंबे करियर में उन्होंने गोवा क्लब सालगांवकर एफसी और गोवा राज्य टीम के लिए खेलते हुए काफी नाम कमाया और बाद में उन्होंने 1983 और 1984 में संतोष ट्रॉफी में सफलता हासिल की। वह भारत की 1986 की एशियाई खेलों की टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने 1986 में जर्मनी की टीम बोचम इलेवन के खिलाफ मैच में टीम की कप्तानी भी की। क्लब फुटबॉल में उन्होंने सालगांवकर एफसी के साथ रोवर्स कप जीता, जो प्रतियोगिता में क्लब की पहली सफलता थी।

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