अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

पूर्व डीजीपी कमल नयन चौबे को ससम्मान विदाई दी गयी


रांची:- सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे अभी सोचा नहीं है, लेकिन जो भी करेंगे उससे वे सभी के करीब ही रहेंगे। पुलिस में अब तक के कार्यकाल में सिपाही से लेकर आइपीएस अधिकारी तक ने उन्हें अच्छी यादें दी हैं। इसे वे अपने दिल में हमेशा के लिए संजो कर रखेंगे। उक्त बातें आज राज्य के पूर्व डीजीपी कमल नयन चौबे ने कही। अवसर था उनके रिटायर के मौके पर आयोजित विदाई समारोह का। श्री चौबे लंबे वक्त तक एक पुलिस अधिकारी के रूप में राज्य की सेवा करने के बाद आज रिटायर हो गये। इस मौके पर जैप 1 मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें ससम्मान विदाई दी गयी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल राज्य के कई बड़े अधिकारियों व पदाधिकारियों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए राज्य के जवानों के लिए उन्होंने संदेश दिया कि अपनी ड्यूटी के अलावा अपने परिवार और बच्चों का भी ख्याल रखें। कहा अपना फर्ज निभाने के लिए अभियान में वह महीनों घर से बाहर रहते हैं, इसके बावजूद जब भी घर लौटे बच्चों को पूरा समय दें। बच्चों में अच्छी शिक्षा व अच्छा संस्कार दें। डीजी कमल नयन चौबे ने वर्तमान हेमंत सोरेन की सरकार, सभी ब्यूरोक्रेट्स, विधायिका, न्यायपालिका का भी आभार जताया। वर्तमान डीजीपी नीरज सिन्हा का खास तौर पर सराहना करते हुए उनका शुक्रिया अदा की और कहा कि श्री सिन्हा जितने गंभीर पदाधिकारी हैं, वो इस महकमे को शिखर तक पहुंचाएंगे ऐसा उन्हें विश्वास है। ये पद की गरिमा और मर्यादा को आगे भी बनाए रखेंगे।
अपने कार्यकाल पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से नक्सली पैर फैलाने की कोशिश करते रहे हैं और हमारी परीक्षा लेते रहे हैं। हमें गर्व है कि शुरुआत के दिनों में जब संसाधनों का अभाव था तब हमारे पदाधिकारियों ने अपना बलिदान देकर नक्सलियों के खिलाफ कारगर कार्रवाई की। डीजीपी रहते हुए उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान कराया। यह भी कहा कि झारखंड एक उद्योग प्रधान राज्य है, यह औद्योगिक केंद्र है। अर्बन व इंडस्ट्रियल सेंटर की अपनी परेशानी होती है। इसे भी पुलिस ने बखूबी संभाला। साइबर क्राइम की चुनौतियां सामने आ रही है, पुलिस ने यहां भी निपटने में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बावजूद चाहे हम कितना भी बेहतर करें, कितने भी अच्छे हो जाएं, उसमें सुधार की गुंजाइश बनी रहती है। जिनके टैक्स की बदौलत विकास होता है, समय पर वेतन मिलता है, उनके प्रति भी हमारी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने झारखंड पुलिस को नसीहत दी कि अगर कोई परेशान व्यक्ति अपनी परेशानी लेकर पुलिस के पास जाता है तो उसकी परेशानी को धैर्य से सुनने की जरूरत है। पुलिस को संवेदनशील होने की जरूरत है। विदाई समारोह में शामिल बतौर खास मेहमान
डीजीपी नीरज सिन्हा ने श्री चौबे की काबलियत की तारीफ करते हुए अपने संबोधन में कहा कि डीजी कमल नयन चौबे जहां और जिस पद पर रहे, कुशलता के साथ काम किया। इन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। जहां भी रहे, बेहतर नेतृत्व दिया। इस मौके पर जैप वन कमांडेंट अनीस गुप्ता भी मौजूद थे। मालूम हो कि श्री चौबे 1986 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले उन्होंने शहीद बेदी को पुष्पांजलि दी। फिर जैप वन ग्राउंड पहुंचे। यहां उन्होंने एक-एक कर सभी अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद परेड का निरीक्षण किया।

%d bloggers like this: