January 20, 2021

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बाढ़ की आशंका एवं नदियों में उफान से कटाव तेज , ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

किशनगंज:- भारतीय मौसम विभाग पटना के द्वारा जारी अलर्ट एवं प्रमुख नदियों में महानंदा, कनकई ,डौक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण यहां के कोचाधामन, दिघलबैंक एवं टेढ़ागाछ आदि सभी सातों प्रखंडो में नदियों के किनारे बसे ग्रामीणों को बाढ़ एवं कटाव का भय सताने लगा है।सोमवार को नदी में आये उफान से महानन्दा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नतीजा कोचाधामन प्रखंड के दौला पंचायत क्षेत्र की खेतिहर जमीन महानंदा नदी की तेज धारा में विलीन होती जा रही है। जिसके कारण यहाँ ग्रामीणों ने क्षेत्रीय सत्ताधारी विधायक मास्टर मुजाहिद आलम भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का साफ कहना है कि हमारे विधायक इस महानंदा नदी के कटाव से बेखबर हैं । ग्रामीणों ने कहा कि विधायक अगर पूर्व से ही इस समस्या पर ध्यान दिया होता तो शायद ये दिन आज हमलोगों को नही देखना पड़ता।
किशनगंज जिला पदाधिकारी डाॅ आदित्य प्रकाश ने कहा कि संबंधित क्षेत्र के बीडीओ एवं सी ओ सहित अन्य प्रमुख संबंधित विभाग के अधिकारियों को महानंदा , कनकई तथा डौक एवं अन्य सहायक नदियाँ के हालात पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया जा चुका है।संबंधित क्षेत्र के अधिकारीयों द्वारा लोगों के सतर्कता हेतु संचार यंत्रों से चेतावनी जारी किए जा रहें हैं। वही प्रभावित क्षेत्र के लोगों को राहत दिलाने की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। साथ ही नदियों में कटाव के रोकथाम हेतु संबंधित विभाग के कार्यपालक पदाधिकारियों का दल कटाव स्थल पर मौजूद हैं।किसी भी हालात से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम भी तैयार है।
डी एम के आदेश के आलोक में जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह 8 बजे एवं 11बजे तक महानंदा बैराज से कुल 1089.436 क्यूमेक ,डौक बैराज से 37.71 वाटर डिस्चार्ज किया गया है। पूर्वाह्न तक 3.2 मिमीमीटर बारिश हुई
तैयपपुर में महानन्दा का जलस्तर खतरे के निशान 66मीटर से ऊपर 12 सेंटीमीटर, कनकई एवं नेपाल के मेची नदियों में अभी जलस्तर खतरे के निशान के नीचे ही बह रही है।संवाददाता सुबोध

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