May 16, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

कोरोना संक्रमण का डर 500 की जगह 90 बसों का हो रहा है संचालन

रांची:- कोरोना महामारी की वजह से लोगों का आना जाना कम हो गया है। संक्रमण के तेजी से प्रसार के कारण आमलोग अपने घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। जिसका सबसे ज्यादा असर
यात्री परिवहन से जुड़े व्यवसाय में देखने को मिल रहा है। लोगों के द्वारा यात्रा कम कर दिए जाने के बाद कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहता है। कभी सुबह से देर शाम तक गुलजार रहने वाला यह बस स्टैंड कोरोना संक्रमण के कारण आज विरान हो गया है। यात्रियों के नहीं मिलने से अधिकतर बसों का परिचालन बंद कर दिया गया है।
इससे खादगढ़ा बस स्टैंड के संवदेक के समक्ष परेशानी उत्पन्न हो गई है। बसों से टॉल्स की वसूली नहीं होने से संवेदन को आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। पिछले एक साल से कोरोना का मार झेलने के बावजूद मजबूरी में स्टैंड का संचालन ठेकेदार इरफान खान द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अब ठेकदार इरफान खान आर्थिक तंगी का शिकार हो गए हैं। यहां तक कि स्टैंड से स्टाफ खर्च भी निकालना उनके लिए मुश्किल हो गया है। करोड़ों रुपए में नगर निगम द्वारा स्टैंड का टेंडर किया जाता है। लेकिन कोरोना के वजह से यात्रियों की संख्या में जबरदस्त गिरावट आई है। इरफान खान ने बताया कि स्टैंड से पहले प्रतिदिन 500 बसें पूरे राज्य और बिहार बंगाल के लिए चलती थीं। लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के वजह से बसों की संख्या घटकर 90 से 100 हो गई
है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से कोरोनाकाल में स्टैंड भारी नुकसान में चल रहा है। और अब तो स्थिति बद से बदतर हो गई है। स्टाफ को पैसे देने के भी स्थिति नहीं है, यही स्थिति रही तो स्टैंड सरेंडर करने के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं है।
हर बस में 5 स्टाफ होते हैं। इस तरह करीब 500 बसों में 2500 से अधिक लोगों को इस स्टैंड से रोजगार मिला हुआ है। इसके साथ ही बसों के मरम्मत से जुड़े करीब 200 लोगों का परिवार भी यही से पलता है। इसके अलावा ठेला- खोमचा, होटल के साथ लोडिंग
अनलोडिंग के लिए भी सैकड़ों रोज यहॉ आते है। जिससे उनका परिवार को पोषण होता है।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: