January 20, 2021

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रामगढ़ जिले के किसान करेगें अधिक मुनाफे वाली खेती : डॉ दुष्यन्त राधव

रामगढ़:- आकांक्षी जिला रामगढ़ में आई.सी.ए.आर. शोध केन्द्र (प्लाण्डू), रॉची फलों की खेती, मूल्य संर्वधन एवं बाजार से जोड़कर खेती करने की पहल की है। इस योजना के प्रभारी डॉ. विकास दास, प्रधान वैज्ञानिक, शोध केन्द्र, प्लाण्डू, रॉची के अनुसार रामगढ़ जिले का गोला प्रखण्ड सब्जीयों की खेती के लिये जाना जाता है। लेकिन अधिक मूल्य वाली फसलों की खेती एवं बाजार से लिंकेज नही होने के कारण किसानो को फसलो का अधिक मुल्य नही मिल पा रहा है। इस क्रम में आई.सी.ए.आर. शोध केन्द्र (प्लाण्डू), रॉची एवं कोशल्या फाउंडेशन, पटना ने झारखण्ड के चार जिले, रामगढ़, बोकारो, खूंटी एवं पूर्वी सिंहभूमि तथा बिहार के तीन जिले-नवादा, शेखपुरा एवं जमुई का चयन किया है। इसमें रामगढ़ से दो गॉव गोला प्रखण्ड के कोराम्बे एवं कुष्टेगढ़ा का चयन किया गया है। यह कार्यक्रम जैव प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली के बायोटेक किसान हब परियोजना के अन्तर्गत किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत चलाया जा रहा है।रामगढ़ जिला में इस योजना की निगरानी कृषि विज्ञान केन्द्र माण्डू के वैज्ञानिक करेंगे। इस योजना के अंतर्गत क्लस्टर बनाने के लिए सब्जी एवं फलों की खेती के लिए उपयुक्त कोराम्बे एवं कुष्टेगढ़ा गाँव का चयन किया गया है। इसमे प्रथम चरण में दोनों गॉवों से 200 किसानों का चयन किया गया है। इससे किसानों को स्वीट कार्न, ब्रोकली (हरि गोभी), बरसाती प्याज, पपीता, स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों की खेती करने के लिये प्रशिक्षण एवं तकनीकी मदद दी जायेगी। शोध केन्द्र प्लाण्डु, रॉची के प्रधान डॉ ए.के. सिंह ने बताया कि यह परियोजना जिले के किसानों के लिये वरदान साबित होगी। इससे आस-पास के अन्य किसान तकनीकी रूप से अधिक समृद्ध हो सकेंगे। इसके प्रशिक्षण के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र, माण्डू के वैज्ञानिक भी उपलब्ध रहेंगे। डा. दास ने बताया कि कौशल्या फाउंडेशन संस्था के साथ मिलकर किसानों को उपज के विपणन के लिये भी कार्य किया जायेगा। किसानों को अधिक मूल्य वाली फसलों की खेती समुह में कराकर उन्हें उन्नत कृषि तकनीक के माध्यम से लागत घटाकर एवं बाजार से सीधे बिक्री की व्यवस्था से जोड़कर किसानों की आय को दोगुनी करने पर बल दिया जायेगा। डॉ. राघव ने बताया कि पपीते की संकर प्रजाति किस्म जैसे- रेड लेडी, शंकर प्रजाति की स्वीटकार्न , हरी गोभी (ब्रोकली) एवं स्ट्राबेरी की खेती से गोला प्रखण्ड एवं रामगढ़ जिला को नई पहचान मिलेगी एवं किसान समुह में खेती को बढ़ावा देकर कृषक उत्पाद संगठन के माध्यम से अन्य किसानों की आय को बढ़ाकर प्रधानमंत्री जी के सपने को साकार कर सकेंगे।

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