अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

परिवारिक राजनीतिक दल लोकतंत्र के लिए खतरा: मोदी


नयी दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार आधारित राजनीतिक दलों को लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त घोषित लोगों का महिमामंडन युवाओं को गलत रास्ते पर चलने के लिए उकसाता है। श्री मोदी ने यहां संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सविधान दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत के हर हिस्से में परिवार आधारित राजनीतिक दलों का वर्चस्व बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। इसके लिए देशवासियों को जागरूक करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक ही परिवार के कई सदस्यों के राजनीति में आने के खिलाफ नहीं है लेकिन यह योग्यता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परिवार आधारित राजनीतिक दल अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके हैं, तो इनसे लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की रक्षा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। परिवार आधारित राजनीतिक दल पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं और यह लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकते। ऐसे राजनीतिक दल लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है । उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक दल बहुत बड़ी चिंता का विषय है। श्री मोदी ने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी ऐसी ही व्यवस्था थी, जिसमें सुधार करने का बीड़ा उठाया गया। इस पर इस पूरी प्रक्रिया में 30-40 साल का समय लगा। उन्होंने कहा कि भारत में भी ऐसे ही प्रयास करने की जरूरत है। देशवासियों को इस समस्या के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। इससे लोकतंत्र की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त और न्यायपालिका द्वारा घोषित व्यक्तियों का महिमा मंडन दुख का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपने स्वार्थों को साधने के लिए मर्यादाओं को तोड़ते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त ऐसे लोगों का महिमामंडन करते हैं जो न्यायपालिका द्वारा दोष सिद्ध किए जा चुके हैं। ऐसा महिमामंडन युवाओं को भी गलत करने के लिए उकसाता आता है। युवाओं को लगता है कि भ्रष्टाचार का रास्ता बेहतर है। दो-चार साल में जनता उन्हें स्वीकार कर ही लेगी। श्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद की शासन व्यवस्था में अधिकारों पर बल दिया गया जबकि कर्तव्य को भुला दिया गया। आजादी के 75 वें साल में कर्तव्य पर बल देने की जरूरत है। अधिकार स्वयं ही मिलते चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने जिन कर्तव्यों पर बल दिया था, उन्हें भुला दिया गया। अगर उन पर जोर दिया जाता तो देश की तस्वीर आज कुछ और ही होती। उन्होंने कहा कि कर्तव्य का पालन अधिकारों की गारंटी है। श्री मोदी देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आज संविधान का निर्माण करना पड़ जाए तो शायद ही यह संभव हो पाए। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल राष्ट्रहित के ऊपर अपने हितों को तरजीह देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीतिक दलों के लिए राष्ट्रीयता पीछे छूट जाता है। मौजूदा राजनीतिक माहौल में संविधान की भावनाओं को चोट पहुंच रही है। उसकी प्रत्येक धारा और अनुच्छेद को नजरअंदाज किया जा रहा है । श्री मोदी ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और डॉ राजेंद्र प्रसाद तथा आजादी के आंदोलन में अन्य योगदान देने वाले लोगों को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संविधान भारत की हजारों वर्षों की परंपराओं की आधुनिक अभिव्यक्ति है। प्रधानमंत्री ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले में बलिदान हुए जवानों को भी नमन किया।

%d bloggers like this: