January 18, 2021

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ऑस्ट्रेलियाई उद्याेगों के लिए भारत में निवेश के व्यापक अवसर: पीयूष गोयल

नयी दिल्ली:- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्याेग मंत्री पीयूष गोयल ने ऑस्ट्रेलियाई उद्योगों से भारत में निवेश करने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि विदेश प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और नए उद्योग क्षेत्रों को विदेशी पूंजी के लिए पूरी तरह से खोला गया है। श्री गोयल ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ के एक कार्यक्रम में “भारत – आस्ट्रेलिया आर्थिक रणनीति रिपोर्ट” जारी करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापक निवेश की आवश्यकता है और सरकार इसे प्रोत्साहित कर रही है।

इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन हो सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एफडीआई नीति को निरंतर सरल बनाया जा रहा है जिससे विदेशी निवेशकों को अधिक से अधिक सहयोग दिया जा सके। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और रक्षा उत्पादन क्षेत्र ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों देशों के आपसी हितों के लिए काम किया जा सकता है। रक्षा, खेल, कपड़ा, डिजाइनिंग, डिजिटल गेमिंग, एनीमेशन, जल प्रबंधन, व्यावसायिक जलपाेत निर्माण, शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और व्यापार के क्षेत्र में दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नये कृषि कानूनों से रोजगार के क्षेत्र के नए अवसर पैदा होंगे और नियमन को लचीला बनाया गया है जिससे किसानों की आय में इजाफा होगा और वे दुनिया भर के बाजारों से जुड़ सकेंगे।
श्री गोयल ने ऑस्ट्रेलिया के व्यापार संबंधों में व्यापक व्यापार, बेहतर व्यापार और संतुलित व्यापार पर जोर देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया सकता है। उन्होंने कहा कि काेरोना महामारी के दौरान उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने से आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटी हैं। इनके परिणाम सामने आ रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में ‘वी’ आकार में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, “ कोविड -19 के संकट का भारत ने लाभ उठाया है और कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। भारत फिलहाल दुनिया में सबसे ज्यादा खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लगभग सभी क्षेत्रों में शत प्रतिशत ऑटोमैटिक रूट से निवेश की अनुमति दी गयी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला की विविधता और पारदर्शिता होनी चाहिए। इस संबंध में भारत और ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक तौर पर काफी नजदीकी के साथ काम कर रहे हैं। मालाबार अभ्यास, क्वाड और अन्य रणनीतिक भागीदारी इसका उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि भविष्य में दोनों पक्षों के बीच आर्थिक भागीदारी में इजाफा होगा।

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