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जनसंख्या नियंत्रण के लिए लड़कियों की शिक्षा का प्रसार और सही उम्र में शादी प्रभावीः सुशील मोदी

पटनाः- देश में जनसंख्या नियंत्रण के उपायों पर छिड़ी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि का संबंध किसी धर्म से नहीं है, इसे लड़कियों में शिक्षा का प्रसार और प्रोत्साहन के जरिए ही प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर रविवार को कहा कि जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है। बिहार के वर्तमान प्रजनन दर 2.7 को 2025 तक 2.1 और 2031 तक मात्र 2.0 पर लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि का संबंध किसी धर्म से नहीं है। लड़कियों में शिक्षा का प्रसार और प्रोत्साहन के जरिए ही जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि आर्थिक विकास और उपलब्ध संसाधनों पर जनसंख्या वृद्धि का सीधा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। देश की जनसंख्या वृद्धि दर जहां 17.7 फीसदी है वहीं बिहार में यह वृद्धि दर 25.4 फीसदी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयास से 1991- 2001 के बीच जो वृद्धि दर 28.6 फीसदी थी उसमें पिछले 20 वर्षों में 3.2 फीसदी की गिरावट आई है। भाजपा नेता ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा को और ज्यादा बढ़ावा, सही उम्र में शादी, विवाह के कम से कम दो साल बाद पहला बच्चा और पहले तथा दूसरे बच्चे के बीच तीन साल के अंतराल के प्रति जागरूकता और परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थाई साधनों पर जोर देकर ही प्रजनन दर को कम करने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मोदी ने कहा कि बिहार में मैट्रिक, इंटर और स्नातक लड़कियों की प्रजनन दर में आई गिरावट से स्पष्ट है कि जनसंख्या नियंत्रण में शिक्षा सबसे कारगर हथियार है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अभियान, साइकिल और पोशाक योजना जैसी सरकार की प्रोत्साहन नीति का भी खासा असर देखा गया है।

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