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बुजुर्ग व चलने में असमर्थ लोगों की सुविधा के लिए जल्द होम वैक्सीनेशन की सुविधा

देवघर:- देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत सभी प्रखंडो में तेजस्वनी क्लब द्वारा टीकाकरण को लेकर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने प्रखंडवार तरीके से तेजस्वनी योजना में कार्यरत ब्लॉक कॉर्डिनेटर, फील्ड कॉर्डिनेटर, युथ फैसिलिटेटर(युवा-सूत्रधार), क्लस्टर कॉर्डिनेटर, संगी, तेजस्वनी क्लब के सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्लस्टरों में शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर किए जा रहें कार्यों से अवगत हुए। साथ ही विभिन्न प्रखंडो में बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्लस्टर के सदस्यों की सराहना करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि साप्ताहिक टीकाकरण कार्य में बेहतर तरीके से कार्य करने वाले प्रखंडो के क्लस्टर में कार्यरत युथ फैसिलिटेटर, क्लस्टर कॉर्डिनेटर एवं संगी को स्टार के रूप में चिन्हित करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने का निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने देवघर प्रखंड के क्लस्टर संख्या 15 के सभी सदस्यों के शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर अन्य क्लस्टरों को इस दिशा में बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में टिकना है, तो टीका लें नारा को चरितार्थ करते हुए सबसे पहले आप सभी 834 क्लब के शेष बचे सदस्य एवं आपके परिजन जल्द से जल्द अपना टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। आगे उन्होंने विभिन्न प्रखंडो के ब्लॉक कॉर्डिनेटर, फील्ड कॉर्डिनेटर, युथ फैसिलिटेटर क्लस्टर कॉर्डिनेटर, संगी से बातचीत करते हुए उनके कार्य योजना और शत प्रतिशत टीकाकरण को लेकर किए जाने वाले कार्यों से सभी को अवगत कराया। साथ ही उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंडों में कोविड जागरूकता, वैक्सीनेशन के अलावा बाल विवाह, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े बिंदुओ पर लगातार कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि योजना का लाभ किशोरी, बालिकाओं और युवतियों तक सुलभ तरीके से पहुंच सके। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि बाल-विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के तहत 18 साल से कम आयु की लड़की और 21 साल से कम आयु के लड़के का विवाह करना दंडनीय अपराध है। यह अपराध गैर जमानती है। उपायुक्त ने कहा कि लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जागरूक करने की महत्वपूर्ण भूमिका आप सभी सदस्यों की है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति बाल-विवाह करता है या इसको बढ़ावा देता है और या फिर बाल विवाह करवाने में सहायता करता हो तो उसकी जानकारी जिला प्रशासन या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दे, ताकि ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा सके।

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