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डीएसपीएमयू के पत्रकारिता विभाग ने कराया क्लास रिप्रेजेंटेटिव का प्रत्यक्ष चुनाव


रांची:- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग के सत्र 2021-2024 के छात्रों का प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक तरीके से 4 पदों-क्लास रिप्रेजेंटेटिव गर्ल्स और बॉयज़ एवं असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव गर्ल्स और बॉयज का चुनाव विभाग द्वारा कराया गया, जो कि स्वयं में एक अनूठा प्रयास रहा। क्लास रिप्रेजेंटेटिव के इस व्यवस्थित एवं प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया से सभी छात्रों को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं उसकी चुनावी प्रक्रिया को समझने एवं अनुभव करने का अवसर मिला।
इस चुनावी प्रक्रिया में कक्षा के 87 में से 66 छात्रों ने हिस्सा लिया, चुनावी प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 30 अक्टूबर को ‘छात्र चुनाव आयोग’ का निर्माण कर 2 दिनों के प्रचार-प्रसार के बाद पारदर्शी एवं निष्पक्ष वोटिंग कराई गई। क्लास रिप्रेजेंटेटिव पद के लिए 3, गर्ल्स क्लास रिप्रेजेंटेटिव पद के लिए 4, बॉयज़ असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव के लिए 4, एवं गर्ल्स असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव पद के लिए 2 छात्र एवं छात्राएं इस चुनाव में प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए, जिसमें नोटा को भी प्रत्याशी सूची में रखा गया था, जिसके बाद चुनाव का परिणाम छात्रों के समक्ष रखा गया, बीजेएमसी सेमेस्टर-1 के छात्रों ने गर्ल्स क्लास रिप्रेजेंटेटिव के रूप में फिजा खान, बॉयज क्लास रिप्रेजेंटेटिव-राम कृष्णा, गर्ल्स असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव-संजना श्री, एवं बॉयज असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव-राहुल कुमार को चुनाव के माध्यम से अपना प्रतिनिधि चुना।
छात्र चुनाव आयोग का निर्माण कर क्लास रिप्रेजेंटेटिव की चुनावी प्रक्रिया, विभाग की एक सफल प्रयास रही जिसे कराने में विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस चुनावी प्रक्रिया का उद्देश्य विभाग के सभी छात्रों में समाज में जनतंत्र को समझने एवं इसके महत्व को जानने का प्रयास था।
मौके पर उपस्थित शिक्षक विकास चंद शर्मा ने जीते हुए छात्र प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं एवं उन्हें उनके विभाग, कक्षा एवं छात्रों के प्रति उनके कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए उन्हें भविष्य में आने वाली किसी भी समस्याओं एवं मुद्दों पर विचार विमर्श के माध्यम से सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंचने एवं सभी छात्रों को साथ लेकर चलने की सलाह दी।
जीते हुए छात्र प्रत्याशियों ने अपना पहला प्रस्ताव ’राइट टू रिकॉल’ को पारित किया, जिसके अंतर्गत यदि कोई चुनाव जीता हुआ छात्र प्रत्याशी अपनी जिम्मेदारियों को संभालने में असमर्थ होता है, तो इस स्थिति में कक्षा के छात्र राइट टू रिकॉल के द्वारा 60 प्रतिशत वोटों के माध्यम से उन्हें उनके पदों के लिए अयोग्य घोषित कर सकती है और उनके स्थान पर चुनावी प्रक्रिया में दूसरा सर्वाधिक वोट पाने वाले छात्र को क्लास रिप्रेजेंटेटिव एवं असिस्टेंट क्लास रिप्रेजेंटेटिव का पद सौंप सकती है। राइट टू रिकॉल प्रस्ताव, जीते गए छात्र उम्मीदवारों का पहला प्रस्ताव है, जिसे पारित किया गया है, जो कि छात्र हित में एक सकारात्मक पहल है।

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