April 17, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

2005 में कप्तानी से हटाने के बाद टीम से बाहर होना उनके लिए सबसे बड़ा झटका था: सौरव गांगुली

नई दिल्ली:- भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट में परिवर्तन के चेहरे के रूप में पहचाना जाता है। उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशी जमीन पर जीत दर्ज करने का जो सिलसिला शुरू किया था, वो आज विराट कोहली की अगुआई में भी चल रहा है। किंतु एक वक्त ऐसा भी था जब गांगुली अपने करियर के सबसे बुरे दौर से गुजरे थे। उन्होंने इसका खुलासा करते हुए बोला कि साल 2005 में कप्तानी से हटाने के पश्चात टीम से बाहर होना उनके लिए सबसे बड़ा झटका था। इसलिए उनका मानना है कि जिंदगी में किसी चीज की गारंटी नहीं हैं और आपको हमेशा दबाव झेलने हेतु तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने एक ऑनलाइन प्रमोशनल इवेंट में बोला कि आपको ऐसे हालात से निपटना होगा। यह आपकी मानसिकता के संबंध में है। चाहें खेल, व्यवसाय या कुछ और जिंदगी का कोई यकीन नही। आपको हर परिस्थिति का सामना करने हेतु तैयार रहना होगा। प्रत्येक शख्स की जिंदगी में दबाव होता है और उसे उससे निपटना होता है। गांगुली की कप्तानी में भारत ने टेस्ट, वनडे मिलाकर कुल 196 मैच खेले हैं। इसमें से 97 जीते और 79 हारे हैं।
इस कार्यक्रम में गांगुली ने बायो-बबल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने ये माना कि खिलाड़ियों हेतु लंबे वक्त तक बायो बबल में रहना मुश्किल है। किंतु, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय काफी सहनशील होते हैं और प्रत्येक चुनौती हेतु तैयार रहते हैं। इसलिए उन्हें नहीं लगता है कि आईपीएल में भारतीय खिलाड़ियों को विशेष दिक्कत होगी।
गांगुली ने बोला कि मुझे मालूम है कि बायो-बबल में रहना आसान नहीं है। किंतु भारतीय परिस्थितियों से शीघ्र ही मेलजोल बैठा लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया समेत तमाम देशों के खिलाड़ियों संग खेला हूं। मुझे लगता है कि हम भारतीय विदेशी खिलाड़ियों की तुलना में मानसिक रूप से अधिक मजबूत और सहनशील होते हैं।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: