March 9, 2021

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डॉ0 रामेश्वर उरांव ने पूर्व राजी दीवान बाबा भीखराम भगत की जयंती पर पत्रिका का विमोचन किया

रांची:- पूर्व राजी दीवान स्वर्गीय बाबा भीख राम भगत जी की 84 वीं जन्म जयंती समारोह एवं पड़हा पूंप पत्रिका के विमोचन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के जशपुर में उरांव पड़हा समाज के आदिवासी समाज हजारों लोगों की उपस्थिति में झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष यह खाद्य आपूर्ति एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए ।
बाबा भीख राम भगत की जन्म जयंती के अवसर पर डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा की भाषा,धरती, धर्म एवं संस्कृति को बचाने के लिए पड़हा आदिवासी समाज को शिक्षित होना जरूरी है तभी हमारा विकास हो सकता है। ग्राम स्वशासन पड़हा समाज लोकतांत्रिक एवं जनतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप कार्य करती है और अपने ग्राम प्रधान जो गांव का मुखिया होता है वह भी पढ़हा व्यवस्था के अंदर आता है। संथाल में मांझी परगना, मुंडा में मानकी मुंडा और उरांव में पड़हा व्यवस्था आदिवासी समाज की जीवन की सामाजिक व्यवस्था है जो पेसा कानून पर आधारित है। इस अवसर पर जुटे छत्तीसगढ़ और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों से आदिवासी समुदाय को संबोधित करते हुए डॉ उरांव ने कहा देश की आजादी से लेकर देश के पुनर्निर्माण में आदिवासी का योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है, इतिहासकारों ने यकीनन हमारे योगदान को कम करके पन्नों में स्थान दी है लेकिन जहां कहीं भी कांग्रेस की सरकार बनती है आदिवासी के हितों की रक्षा होती है। आज जल, जंगल जमीन आदिवासियत पहचान अगर मौजूद हैं तो यकीनन भूमि अधिग्रहण अध्यादेश कानून, पेशा कानून, वनों का अधिकार कानून के माध्यम से ही जीवित हैं। उन्होंने कहा कि पड़हा समाज सदैव ही जागरूक रहा है, इस अवसर पर उन्होंने पत्रिका का विमोचन भी किया।
अतिथि के रूप में मौजूद छत्तीसगढ़ सरकार में खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने भी पढ़हा समाज के उत्थान एवं उसके योगदान पर चर्चा किया, जशपुर के विधायक विनय भगत ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया।

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