अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

बरौनी रिफाइनरी हादसे की करें सही जांच, दोषी पर हो आपराधिक मुकदमा :गिरिराज सिंह


बेगूसराय:- केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार में बेगूसराय जिले के इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के बरौनी रिफाइनरी के एटमॉस्फेरिक एंड वैक्यूम यूनिट (एवीयू) यूनिट-1 का हीटर फर्नेश फटने के मामले की जांच के लिए इंडियन ऑयल द्वारा गठित कमेटी से शनिवार को बेगूसराय में मुलाकात किया। उन्होंने जांच कमिटी और बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक को मामले की गंभीरता पूर्वक जांच करते हुए दोषी के खिलाफ आईपीसी की 307 जैसे धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। जांच कमेटी एवं प्रबंधन के साथ समीक्षा बैठक के दौरान गिरिराज सिंह ने मरम्मत एवं प्रतिस्थापन कार्य के दौरान घटिया सामग्री के प्रयोग, काम में तेजी लाने के लिए सभी पूर्व आवश्यक परीक्षण और जांच की गई या नहीं, यांत्रिक विभाग से संचालन विभाग में भट्ठी का उचित अधिग्रहण एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार हुआ है या नहीं। लाइट अप के दौरान नियंत्रण कक्ष इंजीनियर, साइट पर ऑपरेटर की ओर से चूक और उपकरणों की खराबी हो सकती है। सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई होगी। फर्नेस डम्पर का ऑटो कंट्रोल सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा होगा। विफलता के कई अन्य कारक भी हो सकते हैं, जिन्हें भविष्य में ऐसे विस्फोट से बचने के लिए समिति द्वारा सामने लाया जाए आदि मुद्दे पर गहनता पूर्वक छानबीन करने का निर्देश दिया है। बैठक के बाद रिफाइनरी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता में गिरिराज सिंह ने कहा कि इंडियन ऑयल मुख्यालय द्वारा गठित तीन सदस्य वाली कमेटी मामले की जांच कर रही है, टीम ने कल रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया है। हमने कंट्रोल रूम में टेक्निकल एक्सपर्ट रहते हैं या नहीं, प्रेशर का टेंपरेचर ठीक था या नहीं, प्लांट के पास लगे इंडिकेटर के समीप लोग थे या नहीं आदि की भी जांच की जाएगी। क्योंकि यह कोई छोटा नहीं, बहुत बड़ा हादसा है, सवाल सिर्फ सरकार के पैसे का नहीं है, अगर ऐसी गड़बड़ी से क्रूड में आग लग जाती तो क्या अंजाम होता, प्रलय आ जाता, कितनी जान जाती यह कहना मुश्किल है। घटना को लेकर इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम में लेप्सस है क्या, अगर रिफाइनरी प्रबंधन पर राजनीतिक दबाव है तो उसका खुलासा करे, अगर नहीं है तो दोषी कौन है यह सच सामने आना चाहिए। क्योंकि यह सिर्फ टेक्निकल फॉल्ट नहीं, एडमिनिस्ट्रेटिव फॉल्ट भी हो सकता है। गिरिराज सिंह ने कहा कि यूपीए की सरकार में बरौनी रिफाइनरी को डंपिंग बनाने की घोषणा हो गई थी, कुछ लोगों ने इमोशनल ब्लैकमेल किया। लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनते ही बरौनी रिफाइनरी की क्षमता छह से बढ़ाकर नौ एमएमटीपीए करने का निर्णय लिया गया। 25 हजार करोड़ से अधिक से विस्तारीकरण किया जा रहा है, यह विस्तारीकरण 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। 2024 से पहले बेगूसराय में पेट्रोकेमिकल का पहला चरण पूरा हो जाएगा, जिससे कि बड़ी औद्योगिक क्रांति आएगी। रिफाइनरी प्रबंधन को प्रत्येक तीन महीना पर पत्रकारों को बुलाकर प्रोग्रेस रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। नरेंद्र मोदी की सरकार बेगूसराय में इंडियन ऑयल के विस्तारीकरण और खाद कारखाना के निर्माण को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रेस वार्ता में बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार, सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार अमर, मीडिया प्रभारी सुमित सन्नी, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कुंदन भारती एवं मृत्युंजय कुमार वीरेश समेत अन्य उपस्थित थे।

%d bloggers like this: