April 17, 2021

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दिव्यांग आनंद ने घर बुलवाया टीम को और सौंप दी जेब खर्च से बचाकर रखे 1100 सौ रुपये

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बेगूसराय:- श्रीराम मंदिर निर्माण में सहभागिता के लिए चल रहे निधि समर्पण अभियान की तिथि नजदीक आने के साथ ही लोगों का झुकाव इस ओर बढ़ता जा रहा है। अब तो लोग फोन करके, संवाद देकर टीम को अपने घर बुलाते हैं और निधि समर्पण कर रहे हैं। समर्पण के दौरान अमीर-गरीब, ऊंच-नीच का भेद समाप्त हो चुका है। बेगूसराय जिले के बहदरपुर में अभियान में जुटी टीम को एक दिव्यांग ने फोन करके अपने घर बुलाया और अपने जेब खर्च से बचा कर आवश्यक कार्य के लिए रखी गई राशि समर्पित कर दी। उक्त दिव्यांग युवक बहादरपुर निवासी अनिल सिंह का पुत्र आनंद सौरभ है। बचपन से ही पैरालाइसिस से ग्रसित आनंद इंजीनियरिंग करने के बाद अब बी.एड. की परीक्षा दे रहा है। इस बीच वह अपने माता-पिता द्वारा पॉकेट खर्च के लिए दिए गए पैसे को बचाकर भी रखता है। विगत दिनों जब उसे पता चला कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बन रहा है तो उसने भी इसमें सहभागिता के लिए अपनी इच्छा जताई और उसी दिन से राम भक्तों की टोली के आने का इंतजार कर रहा था। लेकिन जब टोली नहीं पहुंची तो उसने अपने गांव में निधि संग्रह कर रहे लोगों को बुलवाया। शनिवार को जब टोली पहुंची तो उसने अपने पास जमा कर रखा 11 सौ रुपया का रसीद कटवाया।
आनंद सौरभ ने बताया कि प्रभु श्रीराम हम सब के आराध्य हैं। उनका मंदिर बन रहा है यह हम सभी सनातन धर्मावलंबियों के लिए सौभाग्य की बात है। मैं दिव्यांग होने के कारण निधि समर्पण अभियान टीम में शामिल नहीं हो सकता, लेकिन निधि समर्पण कर रामकाज में सहभागी जरूर बन सकता हूं। इसी उद्देश्य से अपने जेब खर्च से बचाकर रखी जमा पूंजी प्रभु के चरणों में समर्पित किया है।
अभियान में लगे रामशंकर हिंदवाणी ने बताया कि आनंद सौरभ का मैसेज मिलने पर उसके पास पहुंचा कि उसकी कोई समस्या होगी, जिसका समाधान करूंगा। लेकिन जब उसने निधि समर्पण वाला रसीद मांगा और खुद 11 सौ की राशि उसमें भरी तो आश्चर्य की सीमा नहीं रही। प्रभु के काम में तन नहीं, मन समर्पण की जरूरत है, जिसे आनंद ने साबित कर दिया है।

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