January 25, 2021

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विवाद से विश्वास योजना: एक लाख करोड़ के विवादित कर मामलों का निपटान

नयी दिल्ली:- सरकार के साथ कर मुद्दों को लेकर कानूनी मुकदमों में उलझे करीब 5 लाख उद्यमों में से 20 प्रतिशत ने सरकार की विवाद निपटान योजना को चुना है। इससे करीब 83 हजार करोड़ रुपए की विवादित राशि से जुड़े मामलों को सुलटाने में मदद मिली। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए प्रत्यक्ष कर से जुड़े पुराने कानूनी मामलों को सुलटाने के लिए ‘विवाद से विश्वास’ योजना की घोषणा की थी। योजना के जरिए विभिन्न अपीलीय मंचों में लंबित करीब 4.8 लाख अपीलों के चलते अटके 9.32 लाख करोड़ रुपए के कर- राजस्व को मुक्त करने का प्रयास था। वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा, ‘‘लंबित मामलों में से 96 हजार ने लंबित कानूनी मामले के निपटान की योजना का चयन किया। इन मामलों में करीब 83 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अटका पड़ा है।”
31 जनवरी है समय सीमा
पांडेय ने कहा कि इस योजना के तहत मिल रहे आवेदनों और दिसंबर में आवेदनों में तेजी को देखते हुए सरकार ने इसकी समय सीमा एक महीने बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी थी। इस योजना को अपनाने वाली कंपनियों अथवा फर्मो को उनसे मांगे गए कर का भुगतान करना है और उनके खिलाफ जारी विव़ाद को बंद कर दिया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई को भी छोड़ दिया जाएगा।
एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कर मांग का निपटान किया
उन्होंने कहा, ‘‘योजना के तहत एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की कर मांग का निपटान कर लिया गया है। यह कर मांग गलत जानकारी दर्ज होने के कारण पैदा हुई थी।” विवाद से विश्वास योजना का लाभ उठाने वाली कंपनियां जेसे ही बकाया कर का भुगतान करती है, उनके खिलाफ लंबित मामले को वापस लिया मान लिया जाता है और ब्याज, जुर्माना और दंड को भी निरस्त कर दिया जाता है। ये मामले आयकर आयुक्त (अपील) और कर न्यायाधिकरणों से लेकर उच्च अदालतों और मध्यस्थता केन्द्रों तक में लंबित हैं।

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