March 1, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

विवाद से विश्वास योजना: अब तक 97,000 करोड़ रुपए के विवादित टैक्स मामलों के निपटान की पेशकश

नयी दिल्ली:- विवाद से विश्वास योजना के तहत अब तक 97,000 करोड़ रुपए के विवादित टैक्स मामलों के निपटान की पेशकश की गई है। सूत्रों ने कहा कि अब तक काफी समय से लंबित कुल मामलों में से 24.5 प्रतिशत विवादित मामलों को निपटान के लिए इसके तहत लाया गया है। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार अब तक 1,25,144 मामलों को विवाद से विश्वास योजना के अंतर्गत लाया गया है। यह कुल 5,10,491 विवादित मामलों का 24.5 प्रतिशत है। ये मामले विभिन्न अदालतों, मंचों पर लंबित थे।
उसने कहा, ‘‘योजना को लेकर जो लोगों की प्रतिक्रिया है, वह काफी उत्साहजनक है। अबतक 97,000 करोड़ रुपए से अधिक के विवादित मामलोंको निपटान के लिये लाया गया है।” विवाद से विश्वास योजना को प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना, 2016 (डीटीडीआरएस) के मुकाबले 15 गुना ज्यादा प्रतिक्रिया मिली है। वहीं जितनी राशि के मामलों का निपटान किया गया है, वह डीटीडीआरएस के मुकाबले 153 गुना अधिक है।

भुगतान की आखिरी तारीख 31 मार्च

विवाद से विश्वास योजना के तहत घोषणा करने की समय सीमा बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई है। वहीं विवादित कर भुगतान की आखिरी तारीख 31 मार्च है। प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास कानून, 2020 को 17 मार्च, 2020 को प्रभाव में आया। इसका मकसद विभिन्न अपीलीय मंचों पर लंबित प्रत्यक्ष कर विवादों का समाधान करना है। इसके तहत विवादित कर का 100 प्रतिशत तथा विवादित जुर्माना या ब्याज अथवा शुल्क का 25 प्रतिशत देकर मामले का निपटान किया जा सकता है।

क्या है विवाद से विश्वास योजना?

विवाद से विश्वास योजना के तहत विवाद का समाधान करने के इच्छुक करदाताओं को 31 मार्च तक टैक्स की पूरी राशि जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने से छूट मिल जाएगी। इस योजना के तहत 9.32 लाख करोड़ रुपए के 4.83 लाख प्रत्यक्ष कर मामलों के निपटान का लक्ष्य है। ये मामले विभिन्न अपीलीय मंचों जैसे आयुक्त (अपील), आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी), उच्च न्यायालयों तथा उच्चतम न्यायालयों में लंबित हैं।

कौन ले सकता है स्कीम का फायदा

31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्‍नर (अपील), इनकम टैक्‍स अपीलीय ट्रिब्‍यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्‍स के मामलों पर यह स्‍कीम लागू होगी। बता दें जो भी लंबित केस हैं वह टैक्स, विवाद, पेनाल्टी और ब्याज से जुड़े हुए हो सकते हैं।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: