April 15, 2021

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डीएमएफटी के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्र में विकास पर चर्चा

रांची:- रांची जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के शासी परिषद की बैठक उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में रांची जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के क्रियाकलापों के बारे में बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई एवं विभिन्न योजनाओं के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
बैठक के दौरान सांसद संजय सेठ, विधायक माण्डर बन्धु तिर्की, उप विकास आयुक्त, विधायक सिल्ली तथा कांके के प्रतिनिधि, निदेशक डीआरडीए, प्रखण्ड के प्रमुख, ज़िला परिषद प्रतिनिधि तथा पंचायती राज संस्था के प्रतिनिधि, सीसीएल सीसीआर के नोडल ऑफिसर, एवं कर्मी तथा डीआरडीए के कर्मी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान बताया गया कि दिसम्बर और जनवरी में ख़लारी प्रखण्ड के विभिन्न पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन कर नियमानुसार योजनाओं का चयन किया गया है।
ज्ञात है कि डीएमएफटी की राशि को मूल प्राथमिकता क्षेत्र तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के कार्यों में खर्च किया जा सकता है। डीएमएफटी की 60 प्रतिशत राशि को मूल प्राथमिकता क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला एवं बाल कल्याण, पेयजलापूर्ति, बुजुर्ग एवं दिव्यांग कल्याण और पर्यावरण संरक्षण एयर प्रदूषण नियंत्रण की योजनाओं हेतु खर्च करने का प्रावधान है। वर्तमान समय में डीएमएफटी के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
स्वास्थ्य में 80 लाख की योजना ली गई है। जिसमें बुरमु और ख़लारी प्रखण्ड में एक पीएचसी, एक सीएचसी और छः एचएससी में सौर ऊर्जा का अधिष्ठापन कराया जाएगा। मैकलुस्कीगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) का बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जाएगा।
शिक्षा में 3.6 करोड़ का व्यय किया जाएगा। इसके अंतर्गत लाइब्रेरी निर्माण, स्मार्ट क्लास, विद्यालय की मरम्मति, बाउंड्री वाल, शौचालय निर्माण, अतिरिक्त भवन निर्माण इत्यादि का कार्य किया जाएगा।
समाज कल्याण के अंतर्गत योजनाओं की जानकारी तथा रेजिस्ट्रेशन हेतु एप्प , ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम, आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण इत्यादि कार्य किया जाएगा।
कौशल विकास तथा लाइवलीहुड योजनाओं के अन्तर्गत केज कल्चर , हस्तकला उत्पादों से सम्बंधित प्रशिक्षण तथा उत्पादन, वाटर ट्रीटमेंट, बॉटलिंग और पैकेजिंग ट्रेनिंग, सैनिटरी पैड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, जूट उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण, मधुमक्खी पालन, चश्मे की लेन्स बनाने हेतु प्रशिक्षण इत्यादि का कार्य कराए जाने का निर्णय लिया गया।
डीएमएफटी की शेष 40 प्रतिशत राशि से अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा और वाटरशेड डेवलपमेंट और पर्यावरण गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु कार्य कराया जा सकता है। अन्य प्राथमिकता क्षेत्र अन्तर्गत पुल, पुलिया, पीसीसी सड़क निर्माण इत्यादि योजनाओं की स्वीकृति दी गई। पीसीसी सड़क निर्माण के संबंध में कम दूरी के सड़कों को क्डथ्ज् की राशि का उपयोग करने का निर्णय लिया गया। सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों को अपने स्थानीय लोगों के विकास के लिए योजनाओं के चयन में आवश्यक सुझाव देने को कहा गया।

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