April 15, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में सीधी भर्ती

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 28 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

रांची:- झारखण्ड राज्य अलग होने के 20 साल बाद अब अलग राज्य निर्माण के लिए आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों को राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती देने का फैसला मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया है। सीधी भर्ती लिए रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन भी किया जायेगा। आयोग प्राप्त आवेदनों के आधार पर दस्तावेजों की जांच कर आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को चिन्हित करेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को रांची में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गयी।
बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए नियमानुसार अलग झारखण्ड राज्य की मांग करने वाले शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों को अब सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती दी जाएगी। साथ ही, पुलिस की गोली से घायल 40 प्रतिशत तक दिव्यांग हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। बैठक में आज कुल 28 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।

आंदोलनकारी व आश्रितों को 7000 तक का मासिक पेंशन

राज्य सरकार शहीद परिवार के एक सदस्य को 7000 तक का मासिक पेंशन भी देगी। इसके अतिरिक्त पुलिस की गोली से 40प्रतिशत तक दिव्यांग हुए शहीद के आश्रितों को भी पेंशन दिया जाएगा। आंदोलन के दौरान कुछ आंदोलनकारियों को कई महीने तक जेल में रातें गुजारनी पड़ी थीं, ऐसे आंदोलनकारियों या उनके परिवार के किसी एक सदस्य को भी इस योजना के तहत पेंशन का लाभ दिया जाएगा। सरकार ने यह फैसला लिया है कि लाभुकों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत तक का क्षैतिज आरक्षण भी दिया जाएगा। इसके तहत सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी नौकरियों में लाभुकों के लिए पात्रता के आधार पर वर्गवार सीटें भी आरक्षित की जाएंगी।
मनरेगा की मजदूरी दर 194 से बढ़कर 225 रुपये हुई
संभवतः झारखण्ड देश का पहला राज्य है, जिसने आगामी वित्तीय वर्ष से मनरेगा अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी दर को बढ़ाकर रूपये 225रुपये प्रति मानव दिवस करने का निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया। अब मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को 194 की जगह 225 रुपये मिलेंगे। सरकार कोरोना काल में जरूरतमंदों के लिये मनरेगा को रोजगार का एक उत्तम माध्यम बनाया था। मालूम हो कि, मनरेगा योजना प्रारम्भ होने के पश्चात पहली बार झारखण्ड में आठ करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य को पुनरीक्षित करते हुए 11.50 करोड़ मानव दिवस किया गया है। इसके विरूद्ध अब तक 10 करोड़ 11 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है।

हुक्का बार पर पूर्ण प्रतिबंध, सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने पर 1000रुपये का जुर्माना

झारखंड सिगरेट व तम्बाकू निषेध विधेयक की मंजूरी दी गई। जिसके तहत अब सार्वजनिक स्थलों में सिगरेट व तम्बाकू का सेवन नहीं किया जा सकता हैं। सार्वजनिक स्थलों में सिगरेट पीने पर 1000 रूपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा हुक्काबार पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है और इसका उल्लंघन करने पर न्यनतम एक साल और अधिकतम तीन साल की सजा के साथ एक लाख रूपये तक जुर्माना का प्रावधान किया गया है। पैकेट खोलकर सिगरेट की बिक्री नहीं की जा सकती हैं। 21 बर्ष से कम आयु के बच्चे सिगरेट की खरीद बिक्री नहीं कर सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में विभिन्न काराओं में 10 साल से ज्यादा दिनों से संविदा अथवा दैनिक वेतनभोगी के रूप में काम कर रहे सफाईकर्मियों एवं कम्प्यूटर आपरेटरों की सेवा नियमित करने का निर्णय लिया गया।

Recent Posts

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: