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मां दुर्गा के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, पूजा पंडालों में उमड़ी भीड़


रांची:- दुर्गा पूजा के दौरान पूरा राजधानी मां की भक्ति में डूबा हुआ है। हर पंडाल और मंदिरों में ढाक की धुन सुनाई पड़ रही है। कारण भी श्रद्धालु अपने आप को पंडाल आने से रोक नहीं पा रहे हैं। पंडाल की साज-सजावट भले ही ज्यादा नहीं है। लेकिन मां की प्रतिमा मन को मोहने वाली है। पंडाल परिसर में गाइडलाइन का पालन करते हुए दर्शन कराया जा रहा है। बहुत से पंडालों में विजुअल स्क्रीन पर माता का दर्शन कराया जा रहा है। श्रद्धालु अलग-अलग दृश्य देखने की मांग कर रहे हैं। लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। दो दिनों के मुकाबले आज श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा है। इसके कारण रोड जाम हो रहा है। पुलिस सुरक्षा बल के अलावा ट्रैफिक पुलिस भी पंडालों के आसपास तैनात किए गए है। हल्के साउंड में भजन भी बजाया जा रहा है।
इधर, महाअष्टमी पर आज माता महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। देवी पुराण के अनुसार नवदुर्गा का यह 8वां स्वरूप है। घरों, मंदिरों व पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित की जा रही हैं। मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। इसके अगले दिन महानवमी शुरू हो जाएगी और शुक्रवार को दशमी तिथि मनाई जाएगी। पंडित अक्षय आचार्य के अनुसार महानवमी व विजयादशमी को लेकर ऋषिकेश, मिथिला और बांग्ला पंचांग में अलग-अलग शुभ मुहूर्त का समयसारणी है। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार नवमी को जयंती धारण व विजयादशमी तिथि शुक्रवार को कलश विसर्जन की जाएगी। प्रतिमा विसर्जन के लिए भी उस दिन उचित है। कई लोग जो घरों में प्रतिमा स्थापित कर पूजा आयोजन करते हैं व उस दिन प्रतिमा विसर्जन करेंगे। देवी पुराण के अनुसार श्रवणा नक्षत्र में माता दुर्गा पृथ्वीलोक से स्वर्गलोक के लिए प्रस्थान करती हैं। इसलिए उस दिन विसर्जन के लिए उचित माना गया है।
धनबाद शहर के भुईफोड़ मंदिर, खंडेश्वरी मंदिर, विनोद नगर मनोकामना मंदिर व शहर के अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी बनाकर मां दुर्गा के दर्शन किए। शक्ति मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए कूपन की व्यवस्था की गई है। जिस कारण श्रद्धालुओं को मां के दर्शन में सहूलियत हुई।
जमशेदपुर में भी नवरात्रि के आठवें दिन आज अष्टमी को शहर भर में धूमधाम से मां महागौरी की पूजा की गई। पूजा के लिए सुबह से ही पंडाल तथा मंदिरों में महिला भक्तों की भीड़ लगी थी। कोरोना के बावजूद लोगों में आस्था के प्रति उत्साह देखते ही बन रहा था। पंडाल व मंदिरों में पुष्पांजलि के लिए काफी संख्या में महिलाएं पहुंची। सभी ने बारी-बारी से पूजा व पुष्पांजलि दी. इस दौरान कमेटी के लोग सभी दिशा निर्देश का पालन करवा रहे थे। पंडालों में ढाक व शंख की ध्वनि दूर-दूर तक सुनाई दी। पंडितों के वैदिक मंत्रों के मंत्रोच्चार की ध्वनि पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पहले भक्तों ने सुबह स्नान ध्यान कर घर पर स्थापित कलश की पूजा की। भक्तों ने कलश के समक्ष फूल, फल, मिष्ठान अर्पित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मां गौरी का आहवान किया। उसके बाद आरती की। पंडित ने बताया कि दुर्गा मां का महगौरी आंठवा स्वरूप है। इनके संपूर्ण विश्व प्रकाशमान होता है। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा भी कहा गया है। माता वर्ण गौर वर्ण हैं। माता की चार भुजाएं हैं। इसमें ऊपर वाले दाहिना भुजा अभय मुद्रा में होता है। वहीं ऊपर वाले बांए भुजा में डमरू धारण की होती है। तीसरे भुजा में त्रिशूल और चौथा भुजा वर मुद्रा में होता है। उनकी वाहन वृषभ है। माता को सफेद वस्त्र अति प्रिय है। ह। शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर जिले के पूजा पंडालों और मंडपों में सुबह से ही श्रद्धालु की भारी भीड़ देखी गई। आज महाअष्टमी पूजन पर शहर के पूजा मंडपों में महिलाओं ने पूजन कर फल, प्रसाद व नैवेद्य आदि से भरा डलिया चढ़ाया। भक्तों ने पूरे विधि विधान के साथ आदि शक्ति के अष्टम स्वरूप माता महागौरी की पूजा अर्चना की। शहर के दो दर्जन से अधिक पूजा पंडाल और मंडपों में भक्तों की भीड़ रही। तो पचम्बा के पंडाल और मंडप में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान माता के दरबार में मत्था टेकने पहुंचे भक्तो में महिलाओं और युवाओं ने अटूट आस्था के साथ माता का आह्वान किया। और माता को चुनरी अर्पण करने के साथ मां को भोग अर्पण किया। पूजा पंडालों में उमड़ी भीड़ के कारण पूजा समिति के द्वारा की गई सुरक्षा व्यस्था धरी की धरी रह गई। एसपी के निर्देश पर बाजारों और पंडालों में पुलिस जवान तैनात किये गए हैं।

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