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सीएनटी एक्ट में थाना क्षेत्र की बाध्यता को समाप्त करने की मांग


रांची:- आज संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन के तत्वधान में नगरा टोली सरना भवन सभागार में आदिवासी जन मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
जिसमें मुद्दे पर जानकारी देते हुए मुख्य रूप से नेतृत्व कर रहे संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष कुलभूषण डुंगडुंग ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा राज्य में आदिवासियों के साथ कई समस्याएं हैं लेकिन मूलताः झारखंड में निवास करने वाले तमाम आदिवासीयों को सीएनटी एक्ट में थाना क्षेत्र की बाध्यता के कारण दूसरे जगह पर रचने बसने का अधिकार नहीं होने के कारण एक गंभीर समस्या होती उत्पन्न होती है जिसे समाप्त कर नियम में संशोधन करते हुए पूर्ण रूप से पूरे राज्य कहीं भी जमीन खरीद बिक्री की स्वतंत्रता होनी चाहिए। दूसरी जाति प्रमाण पत्र बनाने के दौरान आने वाली विसंगतियों को दूर किया जाए और शिक्षा नियोजन छात्रवृत्ति एवं अन्य आवेदन के दौरान अलग-अलग समय पर आवेदक से अलग-अलग सीओ
एसडीओ डीसी आदि का जाति प्रमाण पत्र की मांग को समाप्त कर एक समय पर बनाए गए प्रमाण पत्र को आजीवन मान्य करार घोषित किया जाए एवं तीसरी आदिवासी महिला द्वारा गैर आदिवासी पुरुष से विवाह पर आदिवासी लाभ से वंचित करने का प्रावधान कानून में लाया जाए। जिसे लेकर संगठन के द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है और पूरे राज्य में 7 सितंबर 2021 को लाखों की संख्या में आदिवासी समाज अपने मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरेंगे। एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर तख्ती बैनर पोस्टर झंडा एजेंडा आदि के गांव टोला मोहल्ला कस्बा पंचायत प्रखंड जिला आदि से लोग निकलेंगे।
अरविंद उरांव ने कहा कि इस मानसून सत्र में सरकार इस बिल को पूर्ण बहुमत के साथ सदन से पास करते हुए आदिवासियों के लिए कानून में प्रवाधान लाए ताकि आदिवासी समाज मूल रूप से अपने राज्य में विचरण कर सके।साथ ही निरंजना हेरेंज टोप्पो ने इस पूरे मुद्दे को लेकर अपने संगठन के साथ पूरे राज्य में एक मुहिम छेड़ रखी है।
जिसमें जय आदिवासी केंद्रीय परिषद राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति भारत राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद भारत मुंडा समाज संयुक्त छात्र मोर्चा संयुक्त छात्र संघ इंडीजीनस अल्फेयर सोसाइटी झारखंड केंद्रीय सरना समिति पिथोरिया आदिवासी छात्र संघ आदिवासी महापंचायत ट्रैवल मेडिकल एसोसिएशन, मूलवासी संघ,भीम आर्मी समेत झारखंड में 50 से अधिक संगठनों ने इस मुद्दे का समर्थन किया है।
आज की इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से हलधर चंदन पाहन उमेश पाहन मुन्ना टोप्पो अजय टोप्पो गोविंद टोप्पो दिनेश तिग्गा बबलू उरांव अनूप खलखो विनोद कच्छप मानिक उरांव सहित कई समाजिक प्रतिनिधि एवं अगुआ गन उपस्थित थे।

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