January 16, 2021

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किशनगंज जिले में दो और नये विधानसभा क्षेत्र की मांग

किशनगंज:- बिहार के सीमांचल जिला किशनगंज क्षेत्र में विकास की दयनीय स्थिति को देखते हुए भारतीय चुनाव आयोग एवं केन्द्र की सरकार से स्थानीय जिले में परिसीमन की आवश्यकता पर बल देते हुए जिले में कम से कम दो और नये विधानसभा की मांग उठायी गयी है। किशनगंज लोक जन शक्ति पार्टी के हलीम चौक स्थित पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष भाई कलीमुद्दीन ने यह मांग उठाइ है।

उन्होंने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि किशनगंज लोकसभा क्षेत्र छः विधानसभा क्षेत्र को मिलाकर बना है जबकि इसमें वायसी व अमौर विधानसभा पुर्णियां जिला के हैं। हमारी मांग है कि स्थानीय जिलाअंतर्गत छः विधानसभा क्षेत्र हो।
भाई कलीमुद्दीन ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद भी यह जिला पिछड़ा है। विकास के अभाव में जिलावाशी आज भी जीवन जीने को मजबूर हैं। आपने देखा होगा कि हमारे यहां के हजारों-हजार कामगार रोजी रोटी के लिए देश के अन्य प्रदेशों में काम करते हैं। जब देश मे कोरोना माहामारी का संकट गहराया तो,हमारे कामगार भाई अपने घर लौट आए थे। किन्तु बहुत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि हमारे यहां के क्षमतावान कामगार भाई फिर यहां से हजारों की संख्या में हर रोज पुनः काम की तालाश में देश के अन्य प्रदेशों का रूख कर चुके है। क्योंकि यहां रोजगार का अभाव है। इस जिले में आज भी कल- कारखाने का बहुत बड़ा अभाव है। यहाँ रोजगार के संसाधन मौजूद नहीं हैं।
जरूरत है यहां के जनप्रतिनिधियों द्वारा एक सकारात्मक पहल की, यहां के कमीयों को दूर कर एक सही दिशा देने की तभी, हमारे देश के प्रधानमंत्री के आत्म निर्भर भारत का सपना साकार होगा। जिले, कस्बे के विकास से ही राज्य और देश का विकास संभव होगा।
उन्होंने कहा कि सदर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ही पोठिया प्रखंड क्षेत्र में किसानों के द्वारा मक्का, अनानास एवं केला का बृहत पैमाने पर उत्पादन होने वाबजूद भी यहां एक भी संबंधित उत्पाद के लिए प्रोसेसिंग फैक्टरी नहीं है। किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य नही मिल पाता है।क्षेत्र के किसान आज भी बंगाल के भरोसे जीते हैं। नतीजा यहाँ हमेशा रोजगार का अभाव बना रहता है।

वे यही नहीं रूके और उन्होंने यहां लंबे समय तक रहने वाले जनप्रतिनिधियों की ओर इशारा कर कहा कि शायद यहां की भोली जनता के साथ सिर्फ जात-पात व धर्म की आड़ में सियासी रोटी पकाने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार परिसीमन के नक्शे को तैयार करवाया गया होगा ।

छ विधानसभा क्षेत्र से बना इस किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में किशनगंज जिले का चार विधानसभा क्षेत्र ही हैं। क्योंकि दो विधानसभा क्षेत्र पड़ौसी जिला पूर्णिया से हैं और दुसरे जिले के विधानसभा का विकास भी स्थानीय लोकसभा के जनप्रतिनिधी की ही जवाबदेही है।

सांसद मद से आई निधि कोश का बंटबारा दो हिस्सों में हो जाना भी हमारे जिले से संबंध नही रखता है क्या? यह यहां के विकास में बाधक नही हैं? इसके अलावे स्थानीय जिले में महानंदा , डौक एवं नेपाल के सीमा पर बहती कनकई जैसे प्रमुख नदियों के बाढ़ से हर साल यहां की तबाही भी विकास के लिए बाधक है ।
जिले के चार विधानसभा क्षेत्र कोचाधामन , बाहदुरगंज, ठाकुरगंज एवं पोठिया- किशनगंज विधानसभा में विकास से अछुता क्षेत्र के कुछ मुख्य विन्दुओं पर केन्द्रीय सरकार और हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान का ध्यानाकृष्ट करते उन्होंने कहा कि स्थानीय जिले में पोठिया प्रखंड क्षेत्र में महानंदा नदी पर निश्चितपुर – भोटाथाना घाट पर पुल निर्माण का प्रस्ताव नाबार्ड योजना अंतर्गत योजना संख्या 4515 लंबित है । महानंदा नदी पर उक्त पुल के निर्माण से पश्चिमी छोड़ नेशनल हाईवे- 327ई अररिया जिला पूरब से पश्चिम बंगाल रामगंज तक सीधा संपर्क हो जाएगा और उक्त प्रखंडों के बड़ी आबादी के लोग सिलीगुड़ी के बड़े बाजार एवं अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए चिकित्सकों से जुड़ने में समय के बचत से लाभान्वित होंगे।

उन्होंने जिले में विधानसभा विस्तार के लिए केन्द्र सरकार की उचित निगरानी समिति के द्वारा सर्वे कराने की मांग पर भी बल दिया। इसके अलावे भी बहुत ऐसे तथ्य हैं जिनकी सच्चाई से सरकारी तंत्र अवगत हैं। और मेरा मानना है कि मेरी यह मांग यहां के जन-आवाम के हित में ही साबित होंगी।

संवाददाता सुबोध

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