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दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंची


नयी दिल्ली:- राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 380 के साथ फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। राजधानी में गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 362 दर्ज किया गया था। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने यह जानकारी दी।
सफर के अनुसार आज सुबह एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में रहा। रात के दौरान ज्यादातर शांत या धीमी हवाएं प्रभावी फैलाव के लिए प्रतिकूल होती हैं। जिससे वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार होने का अनुमान है, लेकिन अगले तीन दिनों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रहेगा।
एजेंसी ने पहले कहा था कि 29 नवंबर को स्थानीय सतही हवाएं चलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होने के असार हैं लेकिन फिर भी स्थिति बेहद खराब रहेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्सर्जन और मौसम वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कारक हो सकते हैं।
सफर बुलेटिन के अनुसार पराली जलाने के मामले घटकर 219 रह गए है और गुरुवार को राजधानी के पीएम2.5 में इसका योगदान छह फीसदी रहा था।
एजेंसी के अनुसार आज सुबह दस बजे पीएम 2.5 और पीएम 10 की सांद्रता ‘बेहद खराब’ और ‘खराब’ श्रेणी में क्रमश: 224 और 376 के आसपास रही।
आईटीओ, लोधी रोड और मंदिर मार्ग सहित राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता क्रमशः 421, 357 और 408 के एक्यूआई के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि आनंद विहार और जहांगीरपुरी में एक्यूआई क्रमश: 445 और 469 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के आसपास के हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब और गंभीर स्थिति में बनी हुई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक राजधानी के आसपास के क्षेत्रों में जैसे फरीदाबाद में 469, गाजियाबाद में 332, गुरुग्राम में 365 और नोएडा में 421 रहा।
मौसम विभाग के मानक के अनुसार एक्यूआई शून्य और 50 के बीच में होना अच्छा माना जाता है जबकि 51 और 100 के बीच में संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बेहद खराब जबकि 401 और 500 के बीच का गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जाता है।
इसी दौरान दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार फिर से निर्माण एवं अन्य कार्यों को कुछ समय के लिए रोकने पर विचार किया है। इससे पहले वायु गुणवत्ता में सुधार होने पर निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों से 22 नवंबर को प्रतिबंध हटा लिया गया था।
दिल्ली सरकार ने इसी बीच बुधवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल, कॉलेज और शैक्षिक संस्थान सोमवार 29 नवंबर से पुनः खोले जाएंगे। गैर-जरूरी सामान ढोने वाले सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को 27 नवंबर से राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और वहीं डीजल और पेट्रोल ट्रकों पर तीन दिसंबर तक प्रतिबंध जारी रहेगा।

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