January 20, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

डीसी-एसपी ने कंटेनमेंट जोन का किया गया निरीक्षण

चाईबासा:- पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त अरवा राजकमल एवं पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा के द्वारा आज चाईबासा शहर के रेलवे स्टेशन समीप स्थित राजेश्वरी अपार्टमेंट कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन ओम प्रकाश गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी परितोष कुमार ठाकुर, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमर कुमार पांडे, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी साहिर पॉल उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान राजेश्वरी अपार्टमेंट मैनेजमेंट समिति के अनुरोध पर अपार्टमेंट में स्थित कम्युनिटी हॉल को कोविड-19 केयर फैसिलिटी केंद्र के रूप में संचालित करने को लेकर झारखंड सरकार से प्राप्त निर्देश के आलोक में आवश्यक विचार-विमर्श किया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि झारखंड सरकार के द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि कोई निवासी सोसाइटी अंतर्गत उपलब्ध गेस्ट हाउस, कम्युनिटी हॉल में कोविड-19 केयर फैसिलिटी केंद्र शुरू करना चाहते हैं तो उस संबंध में विस्तृत नियमावली सरकार के द्वारा दी गयी है। उन्होंने बताया कि उक्त अपार्टमेंट में एक सौ से ज्यादा फ्लैट हैं एवं यहां पर एक अच्छा कम्युनिटी हॉल भी उपलब्ध है। उसी को कोविड-19 केयर फैसिलिटी केंद्र बनाने हेतु यहां के मैनेजमेंट के द्वारा संपर्क करने के उपरांत आज यहां जांच की गयी है, काफी अच्छी व्यवस्था है और इस निवासी सोसाइटी में अगर भविष्य में कोई भी संक्रमित व्यक्ति पाया जाता है तो उनका इलाज इसी फैसिलिटी केंद्र में किया जाएगा। लेकिन ध्यान देने की बात यह रहेगी कि संक्रमित व्यक्ति में वायरस संक्रमण का कोई भी लक्षण मौजूद नहीं हो।
उपायुक्त ने बताया कि ऐसे स्थानों पर भी अगर किसी व्यक्ति के पास सांस लेने में दिक्कत या कोई गंभीर लक्षण रहता है तो ऐसे व्यक्तियों को प्रशासन के द्वारा तत्काल कोविड-19 केयर हॉस्पिटल अथवा कोविड-19 समर्पित रेलवे अस्पताल, चक्रधरपुर भेजते हुए उनका इलाज प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी यहां पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है एवं उम्मीद रहेगी कि 2 दिनों के अंदर कोविड-19 केयर फैसिलिटी सेटअप किया जाएगा और यहां पर अपार्टमेंट प्रबंधक के द्वारा अपने चिकित्सक या कोई एनजीओ के माध्यम से या नियमित एएनएम के द्वारा इलाजरत व्यक्तियों की देखभाल करने की व्यवस्था सहित आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। जिला के इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के पदाधिकारी यहां के कर्मी से संपर्क में रहेंगे। यदि किसी को भी आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 समर्पित अस्पताल में ले जाना है तो ऐसे लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिले में उपलब्ध ऐसे सभी निवासी सोसाइटी में प्रशासन का यही प्रयास रहेगा। विशेषकर सेल मेघाहाताबुरु, टाटा नोवामुंडी में जहां ज्यादा एंप्लाइज रहते हैं या कॉलोनी के रूप में रहते हैं वहां भी इसी तरह का फैसिलिटी सेंटर तैयार किया जाएगा, जिससे जिले में उपलब्ध कोविड बेड्स की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा और कोविड-19 के विरूद्ध जंग में हमें ताकत भी मिलेगी।

Recent Posts

%d bloggers like this: