January 17, 2021

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कोर्ट, सरकार ने दी क्लीनचिट, क्या एक ही व्यक्ति सत्यवादी : रघुवर दास

राँची:- पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने कहा कि विधायक सरयू राय की किताब मैनहर्ट पर आई है, जिसमें उनके नाम का उल्लेख है। ऐसी स्थिति में झारखंड की जनता को सच जानने का अधिकार है। यह एक ऐसा मामला है, जिसे विधायक सरयू राय समय-समय पर उठाकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठाया है। जनता यह जानना चाहेगी कि आखिर बार-बार मैनहर्ट का मुद्दा उठाकर राय जी क्या बताना चाहते हैं? किस बात को लेकर उन्हें नाराजगी है? कहीं ओ.आर.जी. को दिया गया ठेका रद्द करने से तो वे नाराज नहीं है?
रघुवर दास ने बताया कि जिस मैनहर्ट पर यह किताब है, वह मामला बहुत पुराना है। इसकी जांच भी हो चुकी है। सचिव ने जांच की, मुख्य सचिव ने जांच की, कैबिनेट में यह मामला गया। भारत सरकार के पास मामला गया। वहां से स्वीकृति मिली। कोर्ट के आदेश के बाद भुगतान किया गया। तो क्या सरयू राय कोर्ट के आदेश को भी नहीं मानते हैं । क्या यह माना जाए कि सरकार से लेकर न्यायालय के आदेश तक, जो भी निर्णय हुए वह सब गलत थे और सरयू राय जी ही सही हैं! यदि उन्हें लगा कि कोर्ट का आदेश सही नहीं था तो वे अपील में क्यों नहीं गये? कोर्ट नहीं जाकर अब किताब लिख रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां गौर करने की बात यह है कि जिस समय भारत सरकार ने इसे स्वीकृति दी, उस समय केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी और झारखंड में श्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में भाजपा-झामुमो गठबंधन की सरकार थी। जिस समय कोर्ट के आदेश पर भुगतान हुआ उस समय न तो वे मुख्यमंत्री था और ना ही मंत्री। जब वे नगर विकास मंत्री था, उस समय मैनहर्ट के मामले में उन्होंने कमेटी बनवाई थी। उसके बाद की सरकारों ने इस पर फैसला लिया, तो मैं इसमें कहां आता हूं? सच यह है कि सरयू राय उनकी छवि धूमिल करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते हैं। यह किताब भी मेरी छवि खराब करने की नीयत से लिखी गई है।

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