February 26, 2021

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नए भवन में नयी ऊर्जा नयी सोच के साथ जनता को नियमों के सरलीकरण का तोहफा दे निगम : महेश पोद्दार

रांची नगर निगम के नए भवन में हो रही निगम बोर्ड की पहली बैठक से पहले सांसद ने लिखी चिट्ठी

रांची:- राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने एक बार फिर रांची नगर निगम से जनहित में नियमों-प्रावधानों के सरलीकरण का आग्रह किया हैद्य रांची नगर निगम के नये भवन में निगम बोर्ड की गुरुवार को हो रही पहली बैठक के लिए शुभकामनायें प्रेषित करते हुए पोद्दार ने कहा है कि नए भवन में नयी सोच और नयी ऊर्जा के साथ रांची नगर निगम आम जनता के लिए ज्यादा सुलभ, सरल और स्वीकार्य बने,जनहित में नियमों का सरलीकरण करें। पोद्दार ने इस आशय का पत्र रांची नगर निगम की महापौर आशा लकड़ा, उप महापौर संजीव विजयवर्गीय और नगर आयुक्त मुकेश कुमार को लिखा है।
श्री पोद्दार ने कहा कि यूं तो सभी स्तरों की सरकारें जनता के हित के लिए ही बनती हैं लेकिन इनमें जनता के सबसे नजदीक और जनता की सीधी पहुंच में स्थानीय निकाय ही होते हैं।नागरिकों को रोजमर्रे की जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा वास्ता इन्हीं से होता हैद्य ऐसे में जरुरी है कि नए भवन के साथ रांची नगर निगम एक नई सोच के साथ आगे बढ़े।
विचारणीय प्रश्न है कि जितने नियम क़ानून कायदे बने हैं, उनकी आवश्यकता क्या है और क्या उनमें सरलीकरण किया जा सकता है? इस प्रश्न की सार्थकता समझने के लिए केवल इस एक उदाहरण को ध्यान में रखना काफी होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक कदम सेल्फ सर्टिफिकेशन या सेल्फ अटेस्टिंग ने आम लोगों के जीवन को कितना सरल किया है। नीचे के स्तर पर यदि हम भी ऐसी संभावनाओं पर विचार करें तो आम लोगों को रोजमर्रे की जरुरत में अत्यधिक सुगमता प्रदान की जा सकती है। श्री पोद्दार ने एक समिति बनाकर इस सुधार की दिशा में कार्य शुरू करने का आग्रह किया है।
संविधान ने नगर निकायों को बहुत सारे अधिकार दिए हैं और उसे लेकर कई स्तरों पर असमंजस या प्रश्न भी होंगे।लेकिन ये भी तथ्य है कि यदि कोई पहल होगी और अच्छी पहल होगी तो जनता उसका स्वागत करेगी। हमें ये सोचना चाहिए कि इस जिम्मेवारी से हम मुक्त नहीं हो सकते कि लोगों के लिए आज जमीन खरीदकर अपना घर बनाना कितना मुश्किल हो गया है, ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए कितने सारे दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है और इस पूरी प्रक्रिया में आम आदमी कितना हलकान होता है। ये तो बस कुछ उदाहरण हैं, कई और मामले नगर निगम के जन प्रतिनिधियों के संज्ञान में भी होंगे।

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