January 26, 2021

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कोरोना का कहर/ दिल्ली में बढ़ते कोरोना पर अमित शाह सख्त, गौतम गंभीर ने भी केजरीवाल पर साधा निशाना

नई दिल्ली:- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोनावायरस की स्थिति को लेकर पिछले कुछ महीनों में गृह मंत्री अमित शाह और सीएम केजरीवाल कम से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। दिल्ली में 12 दिन पहले से एक बार फिर COVID-19 के रोजाना आने वाले मामलों में तेजी देखी गई है। इस दौरान, रोजाना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। इसे कोरोना की तीसरी लहर भी कहा जाने लगा है।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर में रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को आपात बैठक बुलाई। शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान ही दिल्ली बीजेपी ने सीएम केजरीवाल पर हमला बोला है।

गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम केजरीवाल समेत तमाम अधिकारियों के साथ बैठक की और हालात पर कैसे काबू पाया जाए इस विषय पर चर्चा की। दिल्ली बीजेपी ने सीएम केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि गृहमंत्री दिल्ली की हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वो बार-बार कोरोना से बचने के लिए मीटिंग्स करते हैं मगर दिल्ली के मुख्यमंत्री आम आदमी के टैक्स का पैसा विज्ञापन पर खर्च कर रहे हैं। पूर्वी दिल्ली सांसद गौतम गंभीर ने भी केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के चलते उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा की। दिल्ली में कोविड-19 के 3,235 नये मामले सामने आये जिससे रविवार को यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4.85 लाख से अधिक हो गई, वहीं 95 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 7,614 हो गई।
अधिकारी ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के साथ विशेष रूप से त्योहारी मौसम और घटते तापमान को देखते हुए रविवार की बैठक दिल्ली में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक रणनीति तैयार करने के विषय पर चर्चा के लिए आहूत की गई थी। गत दो नवंबर को केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला द्वारा बुलाई गई एक बैठक में त्योहारों और लोगों की अधिक आवाजाही के साथ-साथ लोगों द्वारा कोविड-19 मानदंडों का पालन नहीं किए जाने को दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में उछाल के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

हालांकि, केजरीवाल ने पिछले हफ्ते मामलों में उछाल के लिए प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराया था। भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक कहा गया था कि गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जांच, संक्रमितों का पता लगाने और उपचार के लिए वृहद प्रयास किए जाएंगे। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया था कि मेट्रो की यात्रा को मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार सावधानीपूर्वक विनियमित किया जाना चाहिए। दिल्ली में कोविड-19 के मामलों और उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए प्रशासन जांच, संक्रमितों के संपर्क में आये व्यक्तियों का पता लगाने और उपचार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार रविवार को दिल्ली में कोविड-19 के नये मामले एक दिन पहले किये गए 21,098 जांच से सामने आये। दिल्ली में संक्रमण दर बढ़कर 15.33 प्रतिशत हो गई। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 8,593 नये मामले सामने आये थे। बृहस्पतिवार को 104 व्यक्तियों की मौत हुई थी, जो कि पांच महीनों में एक दिन में सबसे अधिक है।

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