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जुमे के दिन स्कूल बंद करने पर बढ़ा विवाद, प्रशासन ने कार्रवाई का बनाया मन

स्कूल समिति की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई



जामताड़ा:- झारखंड में जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के बिराजपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शुक्रवार को स्कूल में ताला जड़ देने का विवाद बढ़ गया है। जिला प्रशासन की ओर से सरकारी अवकाश के कैलेंडर की अनदेखी पर स्कूल प्रबंधन समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे कोई भी कार्रवाई की बात कही है। वहीं बीजेपी ने कहा कि अब स्कूलों में भी विधानसभा में नमाज कक्ष की तरह अलग से व्यवस्था की कोशिश की जा रही है।
सरकारी कैलेंडर के अनुसार रविवार को अवकाश
जामताड़ा के उपायुक्त फैज अंक अहमद से इस संबंध में दूरभाष पर संपर्क किये जाने पर बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है, इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक ही पूरी स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे। वहीं प्रभारी जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय शंकर से बात करने पर उन्होंने यह स्वीकार किया कि बिराजपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय उर्दू स्कूल नहीं हैं, इसलिए शुक्रवार को स्कूल बंद रखने का विभाग की ओर से कोई आदेश जारी नहीं दिया गया है। उन्हांने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से जारी सरकारी अवकाश की सूची भी विद्यालय समिति को उपलब्ध करा दिया गया है।
स्कूल समिति से रिपोर्ट प्राप्त होने पर कार्रवाई होगी
प्रभारी जिला शिक्षा अधीक्षक अभय शंकर ने बताया कि अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधि भी उनसे मिलने आये थे और उनसभी का भी यह मानना है कि शुक्रवार को स्कूल बंद कराने की कोशिश गलत है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से इस संबंध में स्कूल की समिति से रिपोर्ट मांगी गयी है और समिति से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही विभाग की ओर से इस मसले पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
विधानसभा में नमाज कक्ष की तरह स्कूल में व्यवस्था ना लागू
वर्ष 2019 में जामताड़ा विधानसभा चुनाव से बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ चुके वीरेंद्र मंडल का कहना है कि झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो इसी जिले से आते है, उनसे आग्रह है कि वे विद्या के मंदिर में विधानसभा की व्यवस्था को लागू ना करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा में नमाज कक्ष की व्यवस्था से राज्य सरकार के तुष्टिकरण का इरादा सार्वजनिक हो चुका है, लेकिन स्कूलों में ऐसा नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि बिराजपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय में पिछले शुक्रवार को ग्रामीणों ने शिक्षक की कथित मनमानी के खिलाफ ताला जड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे अल्पसंख्यक समुदाय से आते है, इसलिए कि शुक्रवार को यह स्कूल बंद और रविवार को खुला रहना चाहिए। दूसरी तरफ शुक्रवार को स्कूल खोलने पहुंचे स्कूलों का कहना है कि सरकारी कैलेंडर के अनुसार शुक्रवार को नहीं, बल्कि रविवार को अवकाश रहता है।

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