January 22, 2021

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बिजली विभाग के खिलाफ कांग्रेस का चरणबद्ध आंदोलन शुरू

पहले चरण में पार्टी नेताओं ने बिजली बोर्ड मुख्यालय के बाहर सोशल मीडिया के माध्यम से खामियों को गिनाया

रांची :- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बिजली और केईआई कंपनी विभाग की लापरवाही के खिलाफ आज चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गयी। आंदोलन के पहले चरण में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्त्ताओं ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए राजधानी रांची स्थित बिजली मुख्यालय के समक्ष फेसबुक लाइव के माध्यम से बिजली विभाग और केईआई के कुकृत्यों के बारे में जानकारी दी और सिर्फ लॉकडाउन अवधि में ही बिजली करंट लगने से राज्य के विभिन्न जिलों में हुई मौत का ब्यौरा देते हुए कहा कि इस अवधि में जितनी मौत कोरोना वायरस से नहीं हुई होगी, उसससे ज्यादा मौत करंट लगने से हुई है। कांग्रेस जनों ने पूर्वाहन 11.30 बजे से 12.45 बजे तक बिजली बोर्ड मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया एवं बिजली अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की एवं कार्यालय को बन्द रखा। प्रदर्शन के दौरान बिजली बोर्ड के अधिकारी अपनी सुरक्षा में पुलिस को बुलाकर रखे हुए थे, इसके बावजूद कांग्रेस जनों ने मेन गेट को बन्द कर विरोध प्रदर्शन किया।
पार्टी के प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में राज्य ईमानदारीपूर्वक काम कर रही है, लेकिन पूर्ववर्ती रघुवर दास ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में पूरे बिजली विभाग की व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया है, उनके कार्यकाल में बिजली विभाग की मनमानी और भ्रष्टाचार की बात किसी से छिपी नहीं है, नयी सरकार गठन के बाद व्यवस्था में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक उनके पास उपलब्ध सूची के अनुसार सिर्फ लॉकडाउन अवधि में ही बिजली विभाग की लापरवाही से करंट लगने से 20 लोगों की मौत हो गयी है, जबकि सभी जिलों से आंकड़ा प्राप्त हो जाने के बाद यकीनन यह कहा जा सकता है कि राज्य में जितने लोगों की मौत कोरोना वायरस से नहीं हुई होग, उससे अधिक मौत बिजली करंट लगने से हुई है।
प्रदेश प्रवक्ता आलोक दूबे एवं राजेश गुप्ता ने कहा कि लापरवाही से हो रही निरंतर मौत के बावजूद के बाद बिजली विभाग के कुछ बेशर्म नेता यह कहते है कि करंट लगने से मौत नहीं हुई है और वे जनसेवा कर रहे है, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के पदाधिकारी-कर्मचारी कोई खैरात में जनसेवा नहीं कर रहे है, जनता की गाढ़ी कमाई से प्रति माह एक निश्चित राशि का भुगतान किया जा रहा है, इसके बावजूद वे बिजली विभाग के कई ऐसे जेई, किरानी और अन्य पदाधिकारियों-कर्मचारियों को जानते है, जिन्होंने काली कमाई से अवैध संपत्ति अर्जित की है। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है, जल्द ही उसका भी खुलासा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 800करोड़ रुपये की लागत से केबल बिछाने का काम किया जा रहा है, लेकिन कंपनी की लापरवाही से 17 जुलाई को 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से उनके भाई गोपी दूबे बुरी तरह से जख्मी हो गयी है और 17 दिनों से रांची के देवकमल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, यकीनन अब वह खतरे से बाहर है, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही से जिस परेशानी से लोग गुजर रहे है, उसका उदाहरण 2 जून को डोरंडा में 15वर्षीय गिरिश गुप्ता की मौत हो गयी, वहीं 20जून को एयरपोर्ट के पीछे कौशलाल्या देवी और उनकी 9वर्षीय बेटी की भी मौत हो गयी। 24 जुलाई को गढ़वा में तीन लोगों की मौत हो गयी। इसके अलावा अन्य जिलों में भी कई दुर्घटनाओं में लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन कर रहे पार्टी नेताओं ने बिजली विभाग के लापरवाह पदाधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू करने, करंट लगने से मरने वाले आमजनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों के आश्रितों को मुआवजा दिलाने तथा विभिन्न दुर्घटनाओं में जख्मी होने वाले लोगों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की मांग की है। पार्टी नेताओं की ओर से कहा गया है कि करंट लगने से चाहे बिजली विभाग के कर्मचारियों की मौत हुई है या आम जन हादसे के शिकार हुए है, पार्टी उन परिवारों के आश्रितों को मुआवजा तथा सहायता मिलने तक आंदोलन को जारी रखेगी।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता कमल ठाकुर,, फिरोज रिजवी मुन्ना, संजीत यादव, कुमुद रंजन, सोनी नायक, रंजन यादव, विशाल सिंह,श्रीमती राखी कौर,युवा कांग्रेस के वेद प्रकाश तिवारी, चंदन सिंह,जितेंद्र त्रिवेदी, विभय शाहदेव, देवजीत देवघरिया समेत अन्य नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

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