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कांग्रेस पार्टी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ 19 को राज्यभर में पेट्रोल पंप के समक्ष हस्ताक्षर अभियान चलायेगी

रांची:- झारखंड में कांग्रेस पार्टी पेट्रोल-डीजल तथा रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत कल 19 जुलाई को राज्यभर में पेट्रोल पंप के समक्ष हस्ताक्षर अभियान चलायेगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव के निर्देशानुसार पार्टी के सभी सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, और वरिष्ठ पदाधिकारी तथा विभिन्न मोर्चा-विभागों के नेता-कार्यकर्त्ता अपने-अपने क्षेत्र में सोशल डिस्टेसिंग और कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने 17 जुलाई को राज्यव्यापी साईकिल यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी पार्टी नेताओं-कार्यकर्त्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने रविवार को यहां कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से अब जनता का विश्वास पूरी तरह से उठ चुका है। जिस तरह से पिछले एक साल में 67 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की गयी, उससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी है।पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोत्तरी से हर आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ गयी हैं, जिससे लोगों का आक्रोश केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम चलाया जा रहा है, सोनिया-गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी जनभागीदारी से इसे जनआंदोलन बनाने में जुटी है और जब तक पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोत्तरी को वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लूट का हर आम व्यक्ति पर खासा असर पड़ा है। एक सर्वे के अनुसार देश में 79 प्रतिशत परिवारों की आमदनी में पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है, लेकिन खर्च में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं लोगों का बचत भी 49 प्रतिशत घट गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि देश की जनता अब सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार से यह मांग शुरू करने लगी है कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को काम किया जाए, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार लोगों की मांग की अनदेखी कर रही है। पिछले एक वर्ष में पेट्रोल की कीमत में 25 फीसदी और डीजल की कीमतों में 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जिससे पूरे देश की आर्थिक व्यवस्था चरमरा गयी है।

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