January 17, 2021

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कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उठायी आवाज

रांची:- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस पार्टी देशव्यापी ऑनलाइन अभियान स्पीक अप ऑफ इंडिया के तहत देश में कृषि काले कानून वापस लेने की मांग को लेकर आवाज उठाया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उराँव,कांग्रेस विधायक दल नेता आलंमगीर आलम,झारखंड सरकार में कांग्रेस मंत्री बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ,लाल किशोरनाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों ,सांसदों ने कृषि काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर किसान के लिए बोले भारत कैंपेन चलाकर फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड किया एवं आम जनों के लिए साझा किया।
वीडियो अपलोड करने के उपरान्त प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछले 43 दिन से किसान आंदोलन रत हैं ,लगभग 3 करोड़ अन्नदाता दिल्ली के बॉर्डर पर ठंड में छोटे-छोटे बाल बच्चों के साथ बैठे हुए हैं। पिछले 43 दिनों के आंदोलन के दौरान लगभग साठ किसान अपनी जान गंवा चुकेहैं, सात मरतबा किसानों एवं उनके संगठनों से केन्द्र सरकार की वार्ता विफल हो चुकी है।दुनिया के कई मुल्कों ने यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी किसानों के आंदोलन को लेकर अपनी नाराजगी एवं चिंता जाहिर की है,लेकिन मोदी सरकार की किसानों की बात सुनना और उनकी चिंताओं को दूर करने में पूरी तरह से नाकाम रही है।हमें हमारे किसानों के साथ एकजुट होकर उनके लिए आवाज उठानी चाहिए और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए जब तक कि काला कानून वापस ना हो जाए,हम एक बार फिर प्रधानमंत्री जी से आग्रह करते हैं कि कृषि काला कानून वापस लिया जाए।

विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने वीडियो अपलोड करते हुए कहा कि पूरे कोरोना काल में जब देश की सारी गतिविधियां बंद थी, देश संकट के दौर से गुजर रही थी ऐसे कठिन चुनौतियों में देश के अन्नदाताओं हमें भोजन की कमी नहीं होने दे,देश एक तरफ उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री काला कानून लाकर खेत और खलिहान पर कड़ा प्रहार कर दिया जिसे देश स्वीकार नहीं कर सकता।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने वीडियो अपलोड करते हुए कहा कि काला कानून वापस लेने के लिए देश के और कितने किसानों को शहादत देनी पड़ेगी, अन्नदाता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान केंद्र की सरकार बिना विलंब किए काला कानून वापस ले अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पडेंगे।
कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने वीडियो साझा करने के उपरांत कहा नए कृषि कानून के मुताबिक किसानों को नौकरशाहों और अदालतों पर अनुचित प्रभाव डालने वाली बड़ी कंपनियों की दया पर छोड़ दिया जाएगा, कृषि बिल के अनुबंध प्रणाली के साथ मुख्य दोष यह है कि यह एमएसपी की गारंटी नहीं देता है और जो कानून किसानों के एमएसपी की गारंटी नहीं देगा ऐसा कानून देश के किसानों के लिए,देश के अन्नदाताओं के हित में नहीं हो सकता,इसलिए सरकार अविलंब इस काले कानून को वापस ले।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और मंडी व्यवस्था खत्म ना होने की गारंटी दी जाए, सरकारी गुंडागर्दी से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, किसानों के साथ झूठ फरेब और धोखा यही है मोदी सरकार का लेखा जोखा। कृषि उपज खरीद प्रणाली पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी नतीजा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा और नहीं उनकी फसल का मूल्य,अच्छे दिनों के इंतजार में बेहतर से बेहतरीन दिन यूं ही किसान और देश गंवाते चले जा रहे हैं, हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।

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