अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

सीएम ने पुल धंसने की घटना की उच्चस्तरीय जांच के दिये आदेश

रांची:- झारखंड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी राशि के दुरुपयोग को लेकर समय-समय पर कई सवाल उठते रहे है और अब रांची के तमाड़-बुंडू इलाके में कांची नदी पर करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल के उदघाटन के पहले ही बह जानेकी घटना सेसरकारी कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में कांची नदी पर बने हाराडीह-बुढ़ाडीह पुल ध्वस्त होने के मामले मेंउच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को ट्वीट कर इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके सेवाकाल में भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले घटना सामाने आने के बाद ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने जांच का आदेश दिया है। उन्होंने विभागीय सचिव को उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराने को कहा है।
दूसरी तरफ तमाड़ के झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक विकास सिंह मुंडा ने बताया कि इससे पहले भी इलाके मेंएक पुल ध्वस्त हुआ है और दोनों पुल का कंस्ट्रक्शन एक ही कंपनी ने किया है। इसलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
वहीं , स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल को रांची के एक चर्चित ठेकेदार ने बनाया है। पुल का संपर्क रोड भी नहीं बना है और इसका विधिवत उदघाटन भी नहीं हुआ है। इससे पहले ही यह ध्वस्त हो गया। लोगों का कहना है कि पुल बनाते समय अनियमितता बरती गयी। इस बीच मजबूती का ख्याल बिल्कुल नहीं रखा गया। दलदल में ही पुल के पिलरों को खड़ा गया। इसके अलावा पुल के आसपास नदी में अवैध बालू खनन भी लंबे समय से जारी है। इस कारण भी यह पुल धंस गया।

%d bloggers like this: